ज्ञानपुर। गोपीगंज के बघेल छावनी में भूमि पर अतिक्रमण के मामले में लापरवाही बरतने पर हल्का लेखपाल अनुराग चौधरी को डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर एसडीएम भान सिंह ने निलंबित कर तहसील से अटैच कर दिया। उक्त जमीन को पुलिस और राजस्व टीम ने एक सप्ताह पहले बसपा के पूर्व विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह के कब्जे से मुक्त कराया था।
गोपीगंज नगर के बघेल परिवार की सुमन लता सिंह एवं कामिनी रजवार ने एक माह पहले पुलिस को तहरीर दी। जिसमें आरोप लगाया कि गोपीगंज टाउन स्थित आराजी संख्या 323 उनकी वंशानुगत संपत्ति है। उनके पिता दिवंगत वीरेंद्र बहादुर सिंह बघेल के निधन के बाद उक्त भूमि उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है और वे वर्षों से उस पर स्वामित्व एवं कब्जा रखे हैं।
आरोप लगाया कि दुकानों एवं बाउंड्रीवाॅल के भीतर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसे कुछ माह पहले पूर्व विधायक उदयभान सिंह ने रुकवा दिया। उनकी अनुपस्थिति में परिसर के गेट का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया गया। पुलिस ने मामले में पूर्व विधायक समेत कुनबे एवं सहयोगी समेत आठ के खिलाफ 10 जून को प्राथमिकी दर्ज की। गत शनिवार को एसडीएम ज्ञानपुर भान सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन चहारदीवारी का ताला तोड़कर कब्जा हटवाया। इस दौरान विभागीय जांच में सामने आया कि हल्का लेखपाल की तरफ से लापरवाही बरती गई। जिससे महिलाओं की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया। डीएम के निर्देश पर अंततः लेखपाल अनुराग चौधरी को निलंबित कर दिया गया। एसडीएम भान सिंह ने बताया कि हल्का लेखपाल को निलंबित कर अटैच किया गया है।