परिसर की साफ सफाई करने के बाद शिविर में उन्हें प्रशिक्षक शीतला प्रसाद पांडेय, शेषधर दुबे ने स्काउटिंग की इतिहास और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्हें स्काउटिंग क्रियाकलाप में प्राथमिक उपचार, गांठ बंधन, संकेतों के आधार पर रास्ता तय करने और आपात स्थिति में निपटने के गुर बताए।
प्रशिक्षकों ने बताया कि स्काउट में ईमानदारी, मितव्ययिता और सेवा भावना विशेष रूप से होती है। क्योंकि इन्हीं अच्छे कार्यो से स्काउट और स्काउटिंग विधा की पहचान होती है।
बीएड छात्राध्यापकों के लिए स्काउटिंग प्रशिक्षण को अहम बताया। कहा कि इसे विस्तार देने की जिम्मेदारी अधिक होती है। प्रशिक्षण शिविर में विभागाध्यक्ष डॉ. एसएन पांडेय, डॉ. संतोष आर्या, डॉ.लोकपति, डॉ.जयहिंद यादव, डॉ. सुधीर रंजन, मोनिका सरोज के अलावा प्रशिक्षक अमित प्रजापति भी रहे।