सूबे में पाच चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है। छठवें और सातवें चरण के लिए नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्याशी बड़े- बड़े वादे लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। पांच साल तक जो जनता से नहीं मिले वह उनके दरवाजे- दरवाजे पहुंच रहे हैं। मतदाता भी उन्हें आश्वासन देकर वापस भेज रही है। खामोश मतदाता प्रत्याशियों की स्थिति को आंकने में लगा हुआ है।
सोमवार को अमर उजाला के ज्ञानपुर कार्यालय में चुनावी परिचर्चा को लेकर मंथन कार्यक्रम में छात्रनेताओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। सभी ने खुलकर अपने विचारों को साझा किया। उच्च शिक्षा के लिए बेहतरी, विकास और केएनपीजी को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग की गई। कहा कि हमारा प्रतिनिधि ऐसा हो जो जाति-धर्म की राजनीति से हटकर विकास पर ध्यान दे।
मनीष पांडेय ने कहा कि पांच दशक पुराने काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थिति दयनीय हो चुकी है। ऐसा जनप्रतिनिधि होना चाहिए जो महाविद्यालय के पुराने गौरव को वापस लाए और सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करे।
रत्नेश्वर मिश्रा का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक परिवेश संकीर्ण विचारधारा का शिकार होता जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने की जरूरत है। इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की मजबूती बेहद जरूरी है। शिक्षित समाज से ही राष्ट्र का विकास संभव है।
टींकू सिंह ने कहा कि नेता ऐसा हो जो जाति-धर्म और संप्रदाय से हटकर इलाके का विकास कराए। जो भारतीय संस्कृति और सभ्यता का सम्मान करे। विकास की सोच रखने वाला ऊर्जावान जनप्रतिनिधि होना चाहिए।
-विजय त्यागी का कहना है कि हमें ऐसे जनप्रतिनिधि को मौका देना चाहिए, जो सर्वांगीण विकास कराने वाला हो। जनपद में मेडिकल कॉलेज की जरूरत है ताकि जिले के होनहार छात्रों को भटकना न पड़े। साथ ही मेडिकल एजुकेशन की फीस कम होनी चाहिए।
-केएनपीजी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आनंद पांडेय ने कहा कि जिले में उच्च शिक्षा के लिए किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया। मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए जिले के छात्रों को दूर के शहरों में जाना पड़ता है। शिक्षार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षण संस्थाओ की स्थापना कराने वाला हो।
दीपक सिंह ने कहा कि प्रतिनिधि ऐसा हो जो व्यापक दृष्टिकोण और सार्वजनिक सोच रखने वाला हो। शिक्षा के क्षेत्र में बदहाल जिले को आगे बढ़ाने की सोच रखने वाले जनप्रतिनिधि की जरूरत है।
राहुल शर्मा ने कहा कि एक-एक इलाके के विकास बिना प्रदेश का विकास नहीं होगा। जो सर्व समाज के सर्वांगीण विकास की सोच रखने वाला हो, मैं उस जनप्रतिनिधि के लिए मतदान करने के लिए लोगों को भी प्रेरित करुंगा, जो विकास कार्यों को कराने में अग्रिम पंक्ति में होगा।
शिकारी पाठक ने कहा कि जिले की जनता का आवास जो विधानसभा से लेकर संसद तक उठा सके ऐसे नेता की जरूरत है। आज नेता सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा के बजाए गुटजाजी और बयानबाजी कर रहे हैं। विकास के लिए राजनीतिक पहल जरूरी है।
राजू उपाध्याय ने कहा कि ईमानदार और पढ़े लिखे प्रतिनिधि का चुनाव कर उसे विधानसभा में भेजना चाहिए। जिससे उच्च शिक्षा को लेकर होने वाली दिक्कतों को बेहतर ढंग से दूर किया जा सके। योग्य जनप्रतिनिधि ही क्षेत्र का समुचित प्रतिनिधित्व कर सकता है।
आशीष ने कहा कि राजनीति में भ्रष्टाचार और अपराध के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि जागरूक जनता अपने उस जनप्रतिनिधि चुनाव करना चाहिए जो पुरुषार्थी हो और गरीबी , बेरोजगारी को दूर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सके और नि: स्वार्थ भाव से लोगो की सेवा करे।
केएनपीजी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेंद्र बघेल ने कहा कि ज्यादातर नेता वादा करने के बाद दिखते नहीं। अब विकास का दौर शुरू हो गया है। ऐसे जनप्रतिनिधि का चयन करना चाहिए जो आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान करने का विचार धारा रखता हो और तकनीकी व रोजगार शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करे।
शिवम शुक्ला का कहना है कि जनता के दुख-दर्द को अपना समझकर उसका निस्तारण कराना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। जो क्षेत्र का विकास बिना भेदभाव के कराए, उसे ही नेतृत्व का हक है। क्षेत्र, जाति की भावना से ऊपर उठकर केवल विकास की बात की जानी चाहिए।