सीतामढ़ी घाट पर तेजी से बढ़ रहा गंगा बाढ़ का पानी संवाद
सीतामढ़ी। गंगा का जलस्तर एक बार फिर से तेजी पकड़ लिया है। महज 24 घंटे में ही जलस्तर में एक मीटर की वृद्धि हुई। अब गंगा का जलस्तर 77 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के बिंदु से महज तीन मीटर नीचे है। एक मीटर जलस्तर और बढ़ने से कोनिया क्षेत्र में कटान होना शुरू हो जाएगी। प्रदेश के विभिन्न हिस्सो में हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर चार से पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी हो रही है। पानी बढ़ने की गति यही रही तो अगले 4 से 5 दिनों में ही गंगा खतरे के निशान पर पहुंच सकती हैं।
जलस्तर बढ़ने से गंगा तराई इलाके की जमीनें पूरी तरह जलमग्न हो गई है। लगभग एक से डेढ़ मीटर जलस्तर और बढ़ने के बाद कोनिया के छेछुआ, भुर्रा, इटहरा आदि गावों में गंगा कटान भी शुरू हो जाएगा। बढ़ते जलस्तर को देख किसानों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।
यही नहीं अगर जलस्तर बढ़ता रहा तो गंगा का पानी किसानों के खेतों में बोई गयी ज्वार, बाजरा, अरहर, उडद आदि की फसलें बाढ़ के पानी में डूब जाएगी। किसानों का कहना है कि गंगा का पानी जिस खेत में पहुंच जाता है उन खेतों में बोई गई ज्वार,बाजरा ,अरहर, उडद की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाती है। चिंता की बात तो यह है कि अन्नदाताओं को बाढ़ के पानी से नष्ट हुयी फसलों का मुआवजा भी सरकार नहीं देती है। अधिशासी अभियंता नहर सुधीर कुमार पाल ने कहा कि सभी बाढ़ चौकियों पर टीम अलर्ट है। विभागों की तरफ से व्यवस्थाएं कर ली गई है।