सीतामढ़ी। धार्मिक, पौराणिक एवं पर्यटन स्थली सीतामढ़ी में जाह्नवी के पावन तट पर बुधवार को धर्म, आस्था और आध्यात्म का संगम दिखा। भगवा रंग में रंगी सीतामढ़ी के मां गंगा के तट पर सतरंगी और नयनाभिराम छटा बिखर गई। मौका था प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी गंगा निर्मलीकरण योजना के तहत ‘गंगा यात्रा’ का।
गंगा के निर्मलीकरण के लिए आयोजित जनजागरण कार्यक्रम गंगा यात्रा जनपद के पौराणिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी में शाम सवा चार बजे पहुंची तो उपस्थित जन समुदाय ने हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया। इस मौके पर सीतामढ़ी गंगा तट पर आयोजित कार्यक्रम में जनसमूह उमड़ पड़ा। पूरा गंगा तट सहित महर्षि वाल्मीकि आश्रम परिसर लोगों की भीड़ से खचाखच भर गया। विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल पर लोगों की भारी भीड़ रही। गंगा मैया के पावन तट पर श्रद्धा एवं भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा जिला प्रशासन की ओर से गंगा यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की गई थी।
कवि महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली एवं लवकुश कुमारों की जन्मस्थली सीतामढ़ी में श्रद्धा एवं उत्साह का संगम देखने को मिला पक्के गंगा तट पर भव्य स्टेज का निर्माण कराया गया। इसी तरह गंगा तट पर समतलीकरण कर विभिन्न विभागों की ओर से सरकारी योजनाओं के प्रदर्शन के लिए स्टॉल लगाए गए, जिसका लोगों ने उत्सुकता पूर्वक अवलोकन करते हुए लाभ उठाया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए स्टाल पर तीन हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पशुपालन विभाग के शिविर में 22 सौ पशुपालकों ने रजिस्ट्रेशन करा कर दवाएं लीं। वन विभाग से पांच सौ फलदार पौधों का वितरण किया गया। आंगनबाड़ी, नेहरु युवा केंद्र, खेलकूद विभाग, लघु सिंचाई, श्रम एवं रोजगार सिंचाई शिक्षा के स्टॉलों पर सरकार की योजनाओं की जानकारियां दी जा रही थी, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और योजनाओं की जानकारी ली। इसी तरह प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी देने के लिए पूरे सीतामढ़ी में बैनर होर्डिंग के साथ गंगा तट पर प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। प्रदेश सरकार के कार्यों एवं योजनाओं की जानकारी दी गई थी।प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गई थी और गंगा तट के स्नान घाट को पोकलेन मशीन से समतलीकरण कर सुंदरता प्रदान की गई। इसी स्कूल-कॉलेजों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लोगों का मन मोह लिया। बच्चों ने रंगोली बनाकर भी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके अलावा कुश्ती, वॉलीबाल आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।