पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर जिले में भी दिख रहा है। करीब तीन दिनों तक तेजी से बढ़ा गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है, लेकिन प्रशासन अलर्ट मोड में है। गंगा, वरुणा और मोरवा नदी से सटे 193 गांवों को अलर्ट किया गया है। अलग-अलग विभागों के नामित नोडल अधिकारियों को नजर रखने का निर्देश दिया गया है। करीब तीन करोड़ की लागत से गंगा कटान रोकने के लिए लगा ट्यूब भी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जिले में तीन से चार दिनों हुई झमाझम बारिश और पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बरसात के कारण गंगा समेत यमुना और टौंस नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मात्र एक सप्ताह के अंदर गंगा का जलस्तर सात मीटर तक बढ़कर 75 मीटर से अधिक हो गया। इससे छेछुआ, भुर्रा, इटहरा सहित चार गांव में उपजाऊ भूमि का कटान शुरू हो गया, लेकिन मंगलवार की रात से जलस्तर स्थिर हो गया है। इससे तटवर्ती गांव के लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन प्रशासन ने पूर्ति, शिक्षा, पशुपालन, स्वास्थ्य संग अन्य विभागों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देश दिया है। बारिश के कारण ज्ञानपुर, सुरियावां, भदोही, डीघ और औराई के 193 गांवों के लोगों की धड़कन बढ़ जाती है। इन गांवों में जल प्लावन किसी नदी अथवा नाले से नहीं बल्कि बारिश के पानी से होता है। जल प्लावन होने से ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। एक ओर जहां पशुओं के लिए चारे की दिक्कत हो जाती है, वहीं कच्चे मकान जमींदोज हो जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से 24 बाढ़ चौकियों के साथ ही साथ पांच गोताखोर, सौ से अधिक छोटी नाव और 64 बड़ी नावों की व्यवस्था की गई है।