सीतामढ़ी गंगा घाट बाढ़ से डूबने लगी पक्की सीढ़ी । संवाद
सीतामढ़ी। जिले में गंगा नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे खतरे बिंदु की ओर बढ़ने लगा है। मंगलवार को गंगा के जलस्तर में एक मीटर की और वृद्धि देखी गई। बीते सप्ताह से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार शाम को 74.900 मीटर पर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी मीटर गेज पर प्रतिघंटा 5 सेमी की गति से पानी बढ़ रहा है। जिले में खतरे का निशान 80.20 मीटर और खतरे का निशान 81.20 मीटर है।
जिले में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। महज चार दिनों ने जलस्तर में चार मीटर की बढ़ोतरी हो गई है। बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में लगभग एक मीटर की और वृद्धि हुई है। सोमवार शाम जहां जल स्तर 74 मीटर पर था वहीं मंगलवार को जलस्तर 74.900 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के साथ गंगा में अब पानी ही पानी दिखने लगा है। बाढ़ का पानी घाटों के ऊपर चढ़ रहा है। सीतामढ़ी में महर्षि वाल्मीकि आश्रम गंगा घाट पर बनी पक्की सीढियां एक-एक कर बाढ़ के पानी में डूबने लगी हैं। इसी तरह उड़िया बाबा आश्रम के नीव के पास पानी पहुंच गया है। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि और तेज गति को देखते हुए संभावना जतायी जा रही है। आने वाले समय में जलस्तर में और बृद्धि हो सकती है। वर्तमान जलस्तर से कोनिया क्षेत्र के किसी भी गांवों में बाढ़ की समस्या बिल्कुल नहीं है। एक्सईएन नहर सुधीर पाल ने बताया कि गंगा में जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। बीते 24 घंटे में एक मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। गंगा का वर्तमान जलस्तर 74.900 मीटर है। गंगा तटवर्ती इलाकों में विशेष नजर रखी जा रही है।