सीतामढ़ी। टौंस, यमुना आदि नदियों के पानी से गंगा के जल स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की व़ृद्धि के साथ भागीरथी का जल स्तर 73 मीटर पार हो गया है। जलस्तर बढ़ने से अब गंगा के घाट के आसपास के गड्ढ़े, नाले पानी से भरने लगे है। साथ ही गंगा का पानी घाटों और तटों पर तेजी से फैलने लगा है। तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया के कई गांव गंगा के कटान से प्रभावित रहे हैं। जब गंगा उफान पर होती है तो कोनिया क्षेत्र के छेछुआ, भुर्रा, हरिरामपुर, इटहरा आदि गांवों की कृषि योग्य खेती की जमीनें बाढ़ की भेंट चढ़ने लगती हैं, लेकिन अभी ऐसी स्थिति नहीं बनी है। सालों की जटिल समस्या न तो प्रशासन दूर कर सका न ही जनप्रतिनिधि। इससे कोनिया के अन्न दाता अपने को असहाय महसूस कर रहे हैं। सोमवार से लगातार दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने से गंगा में अब काफी पानी दिखने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी कार्यालय के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर 73. 150 मीटर तक पहुंच गया है। हालांकि खतरा बिंदु से काफी नीचे होने के कारण तटवर्ती इलाके गांवों में अभी ज्यादा चिंता की बात नहीं मानी जा रही है।