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उफान पर गंगा, घरों में घुसा पानी

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जिले में तेजी से बढ़ता गंगा का जलस्तर अब रौद्र रूप लेने लगा है। गंगा का पानी अब गांव की तरफ रुख कर लिया है। रामपुर गांव में गई घर पानी से घिर गए हैं। बारीपुर गांव में भी पानी पहुंच गया है। गंगा के जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए लोग सुरक्षित पर चले गए हैं। खतरे का लाल निशान 80 मीटर है। जबकि रविवार को गंगा का जलस्तर 79.440 मीटर पर पहुंच गया। दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। तीन ओर से गंगा से गिरे कोनिया क्षेत्र के चार गांव में कटान तेज हो रहा है। सैकड़ों बीघे बाजरा और अरहर की फसल गंगा में डूब चुकी है। उड़िया बाबा आश्रम सीतामढ़ी के एक हाल में बाढ़ का पानी भर चुका है। सीतामढ़ी में ही मुख्य घाट पर बनी पक्की सीढ़ियां आदे से अधिक डूब चुकी हैं। इटहरा स्थित बाबा गंगेश्वर नाथ धाम प्राचीन महादेव मंदिर के प्रांगण में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसी मंदिर से लगभग 200 मीटर उत्तर डमरू बाबा आश्रम पानी से घिर गया है। गंगा के बाढ़ में लगातार वृद्धि को देखते हुए गंगा के किनारे के लोग सहम गए हैं। लोग बाढ़ देखने के लिए गंगा घाटों पर पहुंच रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के सीतामढ़ी मीटर गेज पर शाम चार बजे जल स्तर 79.440 मीटर पर पहुंच गया है। गोपीगंज संवाददाता के अनुसार, गोपीगंज क्षेत्र के समीप स्थित रामपुर घाट के समीप पानी तेजी से बढ़ रहा है। गांव के रसीले और कलेक्टर के घर में पानी घुस गया है। रसीले का आरोप है कि अभी तक जिला प्रशासन से कोई भी जिम्मेदार उनके पास नहीं पहुंचा है। बाढ़ हर वर्ष आता है उनका नुकसान होता है। लेकिन प्रशासन की तरफ से आज तक ना ही आवास मिला है और ना ही शौचालय।
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