ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण का प्रभाव तीज-त्योहारों पर भी पड़ रहा है। रविवार को गंगा दशहरा भी सादगी संग मनेगा। भोगांव में सामाजिक संस्था प्रयास की ओर से गंगा आरती का आयोजन किया गया है। जिले में गंगा दशहरा पर पूर्व में वृहद स्तर पर गंगा आरती एवं पूजन का आयोजन होता था, लेकिन दो साल से कोरोना महामारी के कारण भव्य कार्यक्रमों पर ग्रहण लग गया है। रविवार को गंगा दशहरा मनाने को लेकर कोई खास तैयारी नहीं की गई है। छोटी काशी के नाम से मशहूर भोगांव घाट पर प्रयास सामाजिक सेवा संस्था की ओर से गंगा आरती की जाएगी। संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की आरती भव्य रूप से होगी। आरती के बाद भक्तों में प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। डुहिया भावसिंहपुर के आचार्य पंडित दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी (गंगा दशहरा) पर मां गंगा धरती पर अवतरित हुईं थीं। उस दिन हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर योग, आनंद योग, कन्या राशि में चंद्रमा और वृषभ में सूर्य समेत दस शुभ योग बने थे। तभी से माना जाता है कि इन शुभ योगों के प्रभाव से गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से दस तरह के पाप नष्ट हो जाते हैं। बताया कि यदि आप गंगा स्नान करने नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही थोड़े से गंगाजल में सादा जल मिलाकर स्नान कर लें। गंगा स्नान के बाद मां गंगा को प्रणाम करें और सुमिरन अवश्य करें। संभव हो तो मां गंगा की प्रतिमा या चित्र का पूजन करें। इनके साथ राजा भगीरथ और हिमालय देव की भी पूजा करें। गंगा पूजा के बाद देवाधिदेव महादेव की पूजा अवश्य करें।