ज्ञानपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए रस्साकशी तेज हो गई है। प्रथम नागरिक बनने के लिए पक्ष-विपक्ष ने पूरी ताकत लगा दी है, हालांकि अधिकतर समय अध्यक्षी पर आधी आबादी का कब्जा रहा। 1995 से लेकर 2020 तक शिवकरन यादव को छोड़ दिया जाए तो महिलाओं के हाथ में अध्यक्षी की बागडोर रही। 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वाराणसी जिले से काटकर भदोही को नया जिला बनाया। 1995 में जिला पंचायत का गठन होने पर शिवकरन यादव पहले अध्यक्ष चुने गए। उसके बाद 2000 में ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र अध्यक्ष चुने गए, लेकिन 2002 में विधानसभा के लिए टिकट मिलने पर अध्यक्षी से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। 2002 में उनकी पत्नी राललली मिश्रा अध्यक्ष बनीं और 2005 में दुबारा अध्यक्ष बनने से 2010 तक उनका कार्यकाल रहा। 2010 में बसपा सरकार में श्यामला सरोज जिले की प्रथम नागरिक बनीं, लेकिन 2012 में सरकार बदली तो सपा की रीना सोनकर अध्यक्ष चुनी गईं। 2015 में ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र के करीबी और तत्कालीन सपा जिला महासचिव राजितराम यादव की पत्नी काजल यादव अध्यक्ष बनीं। करीब ढाई दशक की अध्यक्षी में 23 साल ज्ञानपुर विधायक के वर्चस्व से सपा का ही कब्जा रहा। विधायक के जेल में होने से 2021 में समीकरण बदल सकता है।