लेखपालों ने आरोप लगाया कि प्रशासन अपनी खामियों को छिपाने के लिए उनको बलि का बकरा बना रहा है।
एसडीएम ज्ञानपुर और एसडीएम भदोही ने लेखपालों को प्रदर्शन छोड़कर काम करने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने।
एसडीएम ने सभी लेखपालों को कलेक्ट्रेट से बाहर जाने के लिए निर्देशित कर दिया।
लक्ष्मणपट्टी ग्रामसभा में जनसंख्या से अधिक मतदाता होने पर लेखपाल सहित कई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की गई।
बृहस्पतिवार को खबर लगते ही संगठन के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और मतदाता सूची के कामकाज को छोड़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
लेखपाल संघ के अवधेश तिवारी ने कहा कि लक्ष्मणपट्टी ग्रामसभा में वर्ष 2012 और 2014 के चुनावों में ब्लाक स्तर से गड़बड़ी की गई थी।
प्रशासन मनमानी ढंग से उन पर कार्रवाई कर रहा है। लेखपालों के विरोध की खबर लगते ही एसडीएम ज्ञानपुर उमाकांत त्रिपाठी और भदोही एसडीएम प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और करीब 30 मिनट तक समझाने का प्रयास किया। लेखपाल नहीं माने तो नाराज एसडीएम ने सभी को काम में बाधा न पहुंचाने की चेतावनी देते हुए मुख्यालय से बाहर जाने का निर्देश दिया।
एसडीएम के कहने के बाद लेखपाल प्रदर्शन कर वहां से हट गए। चेतावनी दी कि प्रशासन का तानाशाही रवैया नहीं चलेगा। संगठन प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन करने वालों में धर्मराज, कामेश्वर मिश्रा, अजय श्रीवास्तव, राधेश्याम यादव, फूलचंद्र पाठक, मातादीन यादव, बेलाल, हरिशंकर यादव, अमरेश दूबे, अमरेश पांडेय आदि शामिल रहे।