ज्ञानपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबीहा खातून ने जमीन खरीद में धोखाधड़ी और फर्जी कागजात बनाने के चार दोषियों को सात वर्ष के कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने चारों पर 14-14 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इस मामले में कोर्ट ने दो को बरी कर दिया।
जमीन खरीद के दौरान धोखाधड़ी समेत फर्जी कागजात बनाने समेत अन्य आरोपों को लेकर पीड़ित ने 2012 में कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच-पड़ताल की। साक्ष्य संकलन के उपरांत पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चंदौली निवासी दीपक सिंह, उरई, जालौन निवासी मानसिंह पाल, चकसारी चील्ह मिर्जापुर निवासी तारा शंकर, सहसेपुर औराई निवासी दिलीप कुमार दूबे को दोषी पाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबीहा खातून ने चारों को सात साल की कैद की सुनाने के साथ-साथ 14-14 रुपये जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने इस मामले धनतर जमुनीपुरजगदरी औराई निवासी प्रेम प्रकाश, और खेमईपुर ज्ञानपुर निवासी लालचंद यादव को बरी कर दिया।