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भंडारण संकट होगा दूर, मिलेगा 2100 एमटी का गोदाम

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ज्ञानपुर। भदोही जिले में अनाज भंडारण का संकट जल्द ही दूर हो जाएगा। विपणन विभाग ने भंडारण के लिए उमरपुर में 2100 एमटी का निजी गोदाम अधिगृहीत कर लिया है। एक सप्ताह के अंदर हरियांव और बभनौटी में अनाज लादकर खड़े ट्रकों को वहीं पर भेजा जाएगा। जगह की कमी के कारण 15 से 20 हजार एमटी चावल अब भी राइस मिलरों के पास डंप पड़ा है।
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फसल समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत जिले में किसानों को धान बेचने के लिए 42 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें विपणन शाखा, पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, यूपी एग्रो, यूपीएसएस, एफसीआई आदि एजेंसियों के क्रय केंद्र शामिल हैं। एक नवंबर 2019 से शुरू हुई धान की खरीद के लिए जिले को 86 हजार 900 एमटी का लक्ष्य मिला था। करीब ढाई महीने में लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने एक लाख 12 हजार 794 एमटी धान की खरीद की, जो लक्ष्य से ज्यादा था। शासन से धान की खरीद पर रोक भी लग गई है। क्रय केंद्रों से धान कुटाई के लिए राइस मिलरों के पास भेजा गया। मिलरों के पास एक लाख एमटी से अधिक धान जाने के बाद अब तक विभिन्न गोदामों में 40 हजार एमटी चावल का भंडारण किया जा सका। जगह के अभाव में हरियांव और बभनौटी के गोदाम फुल हो चुके हैं। इससे राइस मिलों से ट्रकों में भरकर जाने वाला चावल दो दिन से लेकर 10 दिन तक खड़े रहने वाले ट्रकों में पड़ा रहता है। इससे विभाग की परेशानी भी बढ़ गई। विपणन विभाग की ओर से अब उमरपुर में सावित्री मिश्रा के निजी गोदाम को अधिगृहीत किया गया है। इसकी क्षमता 2100 एमटी की है। विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा, निरीक्षक संजय पांडेय समेत अन्य अधिकारियों ने गोदाम का निरीक्षण कर उसे फाइनल कर लिया है। इससे माना जा रहा है कि फिलहाल चावल भंडारण को लेकर खड़ी हुई समस्या का समाधान हो सकता है। हालांकि अनाज भंडारण के लिए स्थानाभाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन को गंभीरता से सोचना पड़ेगा।
एक सप्ताह के अंदर गोदाम में चावल का भंडारण होना शुरू हो जाएगा। इससे अनाज भंडारण की समस्या के समाधान में काफी सहूलियत मिलेगी।
श्याम कुमार मिश्रा, जिला विपणन अधिकारी
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कई बार भींग कर खराब हुआ अनाज
ज्ञानपुर। पर्याप्त भंडारण क्षमता न होने के कारण भारी मात्रा में अनाज का नुकसान भी हुआ। पिछले लगभग दो महीने के दौरान हुईं बारिश और ओलावृष्टि में विभिन्न क्रय केंद्रों, मिलों और गोदामों के बाहर असुरक्षित ढंग से रखे गए अथवा खड़े ट्रकों पर लदे अनाज की बोरियां भींगकर लथपथ हो गईं। इससे भारी मात्रा में अनाज का नुकसान भी हुआ। सुरियावां और गोपीगंज के गोदामों में बारिश के बाद घुटने तक पानी लग गया था, जिससे अनाज के बोरे पानी में तैरने लगे थे। मगर इस नुकसान को नजर अंदाज कर दिया गया। हरियांव गोदाम पर पखवारेभर से अधिक दिनों तक लगातार ट्रक खड़े रहे। इससे अनाज भींगने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाएं और जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा।
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