संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर (भदोही)। सपा व निषाद पार्टी के पूर्व विधायक विजय मिश्रा, डीघ ब्लॉक प्रमुख मनीष मिश्रा समेत छह लोगों को दो साल कैद की सजा सुनाई गई है। बाहुबली पूर्व विधायक के खिलाफ भदोही, वाराणसी, प्रयागराज सहित यूपी के कई जिलों और दूसरे राज्यों में 80 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब तक पांच मामलों में सजा मिल चुकी है।
एमपीएमएलए साधना गिरी की अदालत ने बसपा से पूर्व सांसद रहे गोरखनाथ पांडेय के भतीजे को धमकी देने के मामले में सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सभी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जिले में 2002 के विधानसभा चुनावों के दौरान ज्ञानपुर विधानसभा सीट से तत्कालीन विधायक व पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय भाजपा और विजय मिश्रा सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच कांटे का मुकाबला चल रहा था। कोईरौना क्षेत्र के मदनपुरा बूथ पर रिपोलिंग के दौरान गोरखनाथ पांडेय के भाई त्रंयबकेश्वर पांडेय और रामेश्वरनाथ पांडेय के अलावा पूर्व विधायक विजय मिश्रा और मनीष मिश्रा भी मौजूद थे।
रिपोलिंग के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद और मारपीट के बीच विजय मिश्रा और मनीष मिश्रा ने रामेश्वर पांडेय और त्रंयबकेश्वर पांडेय पर गोली चला दी। जिसमें दोनों घायल हो गए। हमले में त्रंयबकेश्वर पांडेय तो बच गए, लेकिन रामेश्वर पांडेय की मौत हो गई। पूर्व सांसद के भतीजे रामकृष्ण पांडेय ने दोनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
इसी मामले में छह जून 2002 को विधायक पेशी पर आए थे। आरोप है कि इस दौरान विधायक समेत उनके भतीजे मनोज मिश्रा गुलाब, शंकर मिश्रा और रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी व आद्या प्रसाद ने रामकृष्ण को जान से मारने की धमकी दी। जिस मामले में पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इसी मामले में सुनवाई करते हुए एमपीएमएलए साधना गिरी की अदालत ने पूर्व विधायक समेत सभी को दोषी पाया और दो साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी के खिलाफ 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।