इसी मामले में छह जून 2002 को विधायक पेशी पर आए थे। आरोप है कि इस दौरान विधायक समेत उनके भतीजे मनोज मिश्रा गुलाब, शंकर मिश्रा और रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी व आद्या प्रसाद ने रामकृष्ण को जान से मारने की धमकी दी। जिस मामले में पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इसी मामले में सुनवाई करते हुए एमपीएमएलए साधना गिरी की अदालत ने पूर्व विधायक समेत सभी को दोषी पाया और दो साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने सभी के खिलाफ 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।