इस मामले में मनीष की ओर से कहा गया कि राजनैतिक विरोधियों ने फंसाने के लिए षडयंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। युवती ने लगातार बयान बदले हैं। युवती ने ट्रायल कोर्ट में राजनीतिक विरोधी और उसके गनर के दबाव में आरोप लगाने व बयान देने की बात स्वीकार करते हुए घटना न होने का बयान दर्ज कराया था।
पीड़िता ने साल 2019 की घटना बताते हुए दिसंबर 2021 में मुकदमा दर्ज कराया। प्रयागराज जिले की महिला ने सुरेश केसरवानी, मनीष मिश्र सहित चार के खिलाफ दिसंबर 2021 में दुष्कर्म, दलित उत्पीड़न सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि अन्य मुकदमे के कारण ब्लॉक प्रमुख को अभी जेल में रहना पड़ेगा।