ज्ञानपुर। विकास के लिए छोटे राज्यों का गठन जरूरी है। जब तक पूर्वांचल राज्य नहीं बनेगा तब तक पूर्वांचल विकास की ओर अग्रसर नहीं हो सकेगा। सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को सिर्फ चुनावों में किसान नजर आते हैं। पूर्वांचल क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामसखा त्रिपाठी ने शनिवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में पूर्वांचल प्रदेश बनाओ संकल्प सभा में बतौर मुख्य अतिथि उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि 1956 में राज्यों के गठन के लिए एक राज्य पुनर्गठन आयोग बनाया गया। आजादी के बाद छोटे राज्यों का तेजी से विकास हुआ। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड इसके उदाहरण है। 10 जिलों का तेलंगाना राज्य बन गया लेकिन पूर्वांचल को अब तक राज्य नहीं बनाया गया। सूबे के बड़े नेता नहीं चाहते कि पूर्वांचल राज्य का गठन हो सके। ऐसा होने पर उनका टिकट बेचने और खरीदने का धंधा बंद हो जाएगा। चुनावों में नेता जनता के बीच आकर किसान का बेटा कहते हैं लेकिन सदन में किसानों की आवाज नहीं उठाई जाती। उन्होंने कृषि को उद्योग का दर्जा दिलाने, किसानों को ब्याज रहित ऋण देने की मांग की। युवाओं का आह्वान किया कि पूर्वांचल राज्य के गठन में वह साथ आएं। इस मौके पर राम प्रसाद यादव, रामराज चौहान, रमाशंकर, जवाहर लाल, ऋषिकेश पाल, चंद्रमणि तिवारी, रामपत्ती देवी आदि रहीं।