सुबह के समय मौसम में छाया रहा कोहरा। संवाद
ज्ञानपुर। हिमाचल व उत्तराखंड में हो रही बारिश के कारण पछुआ हवाओं में नमी बनी है। इससे शनिवार को जिले के मौसम का मिजाज बदल गया। शनिवार को इस सर्दी में पहली बार कोहरे का असर देखा गया। दृश्यता केवल 40 मीटर तक रही। पूरे दिन आसमान में बादलों का जमघट रहा। हवाओं के कारण गलन की स्थिति बनी रही। न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और कम होगा। वहीं कोहरे का असर भी बढ़ेगा। जिले में शनिवार सीजन की सबसे ठंड रात रही। शनिवार रात का तापमान 8.4 डिग्री रहा। पहली बार ऐसा हुआ है, जब शनिवार सुबह कोहरे की चादर दिखी। इस दौरान दृश्यता 40 मीटर तक रही। वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। पूरे दिन आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रही। पछुआ हवा 10 किमी के रफ्तार से चली। इसकी कारण हवाओं में नमी बनी रही और गलन का असर देखा गया। जिले में बीते एक सप्ताह से तापमान लगातार गिर रहा है। बीते तीन दिनों से न्यूनतम तापमान करीब आठ से साढ़े आठ डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से गलन का असर तेजी से बढ़ा है। शनिवार को अन्य दिनों की अपेक्षा मौसम ठंड रहा। दिनभर बादलों का असर रहने से धूप भी ठीक से नहीं खिली। इससे लोग आग के सामने बैठे रहे। सूर्यास्त होने से पहले ही लोग बाजार का कामकाज कर घर पहुंचे। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि कोहरा फसलों की ऊपज के लिए बेहतर है। इससे गेहूं व अन्य फसल अच्छे से अंकुरित होते हैं। कोहरा अत्यधिक पड़ने पर आलू की फसल में पाला लगने का डर रहता है लेकिन जनवरी माह में देखा जाता है।