गोपालापुर में गांव में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते रामानंद महाराज। संवाद
वहिदानगर। कलिंजरा गोपालापुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथावाचक रामानंद महाराज ने माता सती चरित्र और भक्त ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाया। दक्ष प्रजापति ने विशाल यज्ञ किया। भगवान शिव को निमंत्रण नहीं भेजा। पिता के यज्ञ में पति का अपमान देख माता सती बिना बुलाए वहां पहुंच गईं। यज्ञ मंडप में दक्ष भगवान शंकर की निंदा सुनकर सती से रहा नहीं गया। उन्होंने योगाग्नि में अपना शरीर त्याग दिया। कहा कि सती चरित्र हमें सिखाता है कि नारी के लिए पति का सम्मान सबसे ऊपर है। जहां पति का अपमान हो, वहां एक पल भी रुकना धर्म के विरुद्ध है। बताया कि भक्त ध्रुव के लिए भगवान को खुद चलकर आना पड़ा। भक्त के ध्रुव के अपमान को भगवान ने उद्धार का साधन बना दिया। मुख्य यजमान जयशंकर तिवारी ने व्यासपीठ की आरती उतारी। इस मौके पर मीरा देवी, डॉ. राकेश दुबे, डॉ. वासुदेव तिवारी, टीएन पांडेय, ओपी मिश्रा, रमाशंकर तिवारी, विमल तिवारी, रिकेश तिवारी, रवि शंकर पांडेय, आनंद शुक्ला, अरुण कुमार मिश्रा आदि रहे।