ज्ञानपुर। पुलिस को शनिवार की रात बड़ी कामयाबी हाथ लगी। क्राइम ब्रांच और पुलिस ने धनापुर स्थित पूर्व विधायक विजय मिश्र के अहाते से गैंग-थ्री के सरगना सहित पांच अंतर्जनपदीय अपराधियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से अवैध शराब, उपकरण, पिस्टल, तमंचा, कारतूस, वाहन और नकदी बरामद हुआ। जिसकी कीमत 30 लाख आंकी गई। गिरफ्तार अपराधी आधा दर्जन से अधिक जिलों से शराब की दुकानों से चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर प्रयागराज की एक दुकान पर औने-पौने दाम में बेच देते थे।
पुलिस लाइन सभागार में रविवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पत्रकार वार्ता में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जिले में अलग-अलग शराब की दुकानों में चोरी की घटनाओं के मद्देनजर क्राइम ब्रांच और सभी थानों को अलर्ट किया गया था। दुर्गागंज, गोपीगंज, भदोही पुलिस संग क्राइम ब्रांच लगातार सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रानिक साक्ष्य की जांच की। मुखबिर की सूचना पर शनिवार की रात करीब 11 बजे धनापुर स्थित पूर्व विधायक विजय मिश्र के अहाते के पास से गैंग-थ्री के सरगना रामचंद्र मौर्य निवासी कोल्हुआं पांडेयपुर सुरियावां के साथ ही गैंग के सदस्य रामचंद्र मौर्य निवासी कटेबना ज्ञानपुर, रेहान निवासी जंगीगंज, जीशान निवासी घोसिया, अनीस बिंद निवासी कोइलरा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं विपुल सिंह और अजय गौतम भागने में सफल रहे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मौके से एक चोरी की टवेरा, तीन मोटर साइकिल, शटर कटिंग के कई उपकरण, पिस्टल, कारतूस, तमंचा, सात जिलों से सरकारी दुकानों से चोरी की गई 911 बोतल शराब, 25 लीटर अपमिश्रित शराब बरामद किया गया। सरगना और सदस्यों के खिलाफ प्रतापगढ़, भदोही, दुर्गागंज, सुरियावां सहित पूर्वांचल के कई जिलों में पांच दर्जन से अधिक लूट, चोरी, नकबजनी, एनडीपीएस, आर्म्स, गुंडा, गैंगस्टर के मुकदमे दर्ज हुए। एसपी ने बताया कि 25 से 30 लाख के सामानों की बरामदगी की गई है।
पूछताछ में सरगना रामचंद्र मौर्य उर्फ नेता ने बताया कि हम लोगों का एक संगठित पुराना गिरोह है। हमारा गैंग शराब की दुकानों का ताला या शटर तोड़कर शराब चुराता और उसको बेचता। गैंग के सदस्यों को 2020-21 में जिले की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद हमारा गैंग प्रयागराज, प्रतापगढ़ , रायबरेली, लखनऊ , जौनपुर ,सुल्तानपुर, वाराणसी आदि जनपदों में सक्रिय चोरी की घटनाओं को लगातार अंजाम देता रहा। घटना को अंजाम देने से पूर्व विधिवत रेकी की जाती। अपनी सुरक्षा के लिए असलहा भी रखते। चोरी का माल जनपद प्रयागराज के सरकारी लाइसेंस धारक विपुल सिंह जिसकी दुकान जंगई, प्रयागराज में को औने- पौने दामों पर बेच देते है। बेचने के पश्चात जो पैसा प्राप्त होता है। उसे हिस्सेदारी के अनुसार आपस में बांट लेते है । एसपी ने बताया कि टीम को डीआईजी की तरफ से 50 हजार जबकि हमारी तरफ से पांच हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश काफी शातिर किस्म के थे। पुलिस उनकी गिरफ्तारी को लेकर काफी दिनों से प्रयासरत थी। फरार बदमाशों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा।