विधानसभा चुनाव की तैयारियों को पुलिस प्रशासन तेजी से अंतिम रूप दे रहा है। चुनाव में माहौल खराब करने वाले पांच हजार लोगों को अब तक चिह्नित किया जा चुका है। अधिसूचना जारी होने के बाद सभी को पाबंद कर दिया जाएगा। चुनाव तक यह आंकड़ा दोगुना भी पहुंच सकता है। ऐसे लोगों पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की खास नजर रहेगी।
पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक अपनी रोटी सेकने के लिए कुछ लोग माहौल खराब करने से भी बाज नहीं आते हैं। हर गांव में पांच से सात लोग सख्ती के बाद भी अपनी आदत से बाज नहीं आते। इसमें कुछ लोग आपराधिक किस्म के होते हैं, जिन पर कई मुकदमें होते हैं लेकिन वह जमानत आदि पर बाहर रहते हैं। प्रशासन की मामूली चूक से ऐसे लोग अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं। माहौल खराब होने से नुकसान होने के साथ ही चुनावी स्थितियां भी अस्थिर होने लगती हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस प्रशासन ने अभी से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जिले के सभी 561 ग्रामसभाओं और नगरों में ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। 15 सितंबर 2016 तक जिले के नौ थानाक्षेत्रों में पाबंद करने के लिए पांच हजार लोगों को चिन्हित किया गया है। उनके खिलाफ अभी पाबंदी की कार्यवाही चल रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक जियालाल यादव ने बताया कि थानों से गड़बड़ी फैलाने वाले लोगों की सूची मंगाई गई है। करीब पांच हजार लोगों को अब तक चिन्हित किया गया है। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद पुलिस प्रशासन पाबंदी की कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि चुनाव तक यह आंकड़ा 10 हजार तक पहुंच सकता है। बताते दे कि लोस चुनाव में पुलिस प्रशासन ने 10 हजार से अधिक व पंचायत चुनाव में करीब 12 हजार से अधिक लोगों को पाबंद किया गया था।