ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियां किसानों संग खेल कर रही हैं। खुद तो मालामाल हो रही हैं, लेकिन किसान बेहाल हैं। यह कृषि विभाग के आंकड़े कह रहे हैं। वर्ष 2023 से 2025 तक छह सीजन में 40 हजार किसानों से तीन करोड़ रुपये प्रीमियम वसूला गया। राज्य और केंद्र का अंश मिलाकर यह रकम 12 करोड़ से अधिक हो जाती है। छह सीजन में 11,466 किसानों को 1.34 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई। 10 करोड़ 56 लाख रुपये बीमा कंपनी लेकर चली गई। ऐसे में कई किसानों को आवेदन के बाद भी लाभ नहीं मिला।
जिले में रबी और खरीफ की प्रमुख खेती है। रबी सीजन में करीब 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं, चना, मटर और खरीफ सीजन में 30 से 32 हजार हेक्टेयर में धान, मक्का जैसी फसलों की खेती होती है। 2014 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की। इससे किसानों को बारिश, ओलावृष्टि सहित अन्य आपदाओं में होने वाले नुकसान की भरपाई मिल सके। शुरुआती तीन से चार वर्षों तक योजना ने किसानों को लाभ पहुंचाया, लेकिन बाद में बीमा कंपनियों के तमाम कागजी नियम और शर्तों के कारण किसानों को क्षतिपूर्ति मिलना मुश्किल हो गया।
कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक दशक में पहले बजाज अलियांज, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एसबीआई इंश्योरेंस बीमा के लिए कंपनियां नामित हुईं। खामियों के कारण सरकार ने कंपनियां तो बदलीं, लेकिन किसानों के हालात नहीं बदल पाए।
खरीफ सीजन 2023 में चार हजार किसानों ने 40.52 लाख रुपये प्रीमियम भरा। इसमें राज्य और केंद्र सरकार का अनुदान मिलाकर रकम डेढ़ करोड़ तक पहुंच गई। 466 किसानों को सिर्फ 27 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मिल सकी। रबी 2023 में 1,836 किसानों से 9.21 लाख रुपये प्रीमियम वसूला गया। राज्यांश और केंद्रांश 13-13 लाख मिलाकर प्रीमियम की कुल रकम 35 लाख तक पहुंच गई, जिसमें 119 किसानों को सिर्फ छह लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई।
यही हाल 2024 और 2025 में रहा। किसानों से प्रीमियम तो अधिक वसूला गया, लेकिन क्षतिपूर्ति के समय किसान कागजी घनचक्कर में फंसकर इंतजार करते रह गए।
आंकड़ों पर एक नजर
खेती का सीजन
वर्ष
बीमित किसान
कटा प्रीमियम
क्षतिपूर्ति
लाभान्वित किसान
खरीफ
2023
4,000
40.52 लाख
27 लाख
466
रबी
2023
1,836
9.21 लाख
छह लाख
119
खरीफ
2024
3,375
29.53 लाख
16 लाख
1,323
रबी
2024
4,606
24.60 लाख
12 लाख
291
खरीफ
2025
12,644
121.62 लाख
67 लाख
9,139
रबी
2025
13,562
83.35 लाख
छह लाख
124
कुल
40,023
309 लाख
134 लाख
11,466
जिन किसानों की फसलों की क्षति होती है, सूचना के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि नुकसान का आकलन करते हैं। उसके आधार पर क्षतिपूर्ति दी जाती है। दायरे में आने वाले किसानों को योजना का लाभ मिला। - ईरम मिर्जा, जिला कृषि अधिकारी
बीमा कंपनियों की लापरवाही से किसानों को क्षतिपूर्ति का शत-प्रतिशत लाभ नहीं मिल पाता। सर्वे कर्मियों की तरफ से गलत रिपोर्टिंग की जाती है, जिससे नुकसान के हिसाब से भरपाई नहीं मिलती। काफी संख्या में किसान योजना से वंचित रह जाते हैं। योजना में ढील देने की जरूरत है। - - श्यामधर सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
रबी सीजन 2025 में उनके खाते से किस्त का पैसा काट लिया गया। तेज हवाओं के कारण गेहूं का नुकसान हुआ, आवेदन करने के बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं मिली। - परमेंद्र सिंह, भंडा
तीन साल से प्रधानमंत्री फसल बीमा की किस्त कट रही है। बारिश और अतिवृष्टि में फसल का नुकसान हुआ, 2024 में आदेवन किया लेकिन लाभ नहीं मिल सका। - शिवपूजन उपाध्याय, कस्तूरीपुर
बीमा पाने के क्या हैं नियम
बुआई न होने पर बीमित राशि का 25 प्रतिशत भुगतान।
खड़ी फसल में नुकसान होने पर सर्वे के आधार पर क्षतिपूर्ति।
कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी फसल पर 14 दिन तक चक्रवात और बेमौसम बारिश से नुकसान।
2026 से जलभराव से होने वाले नुकसान का भी लाभ।
जंगली जानवरों नीलगाय, सुअर, हाथी, बंदर और हिरण से नुकसान की भी क्षतिपूर्ति।
नुकसान के 72 घंटे के अंदर सूचना देनी जरूरी है।
टोल फ्री 14447 पर कॉल करें या क्राप इंश्योरेंस एप पर जियो-टैग फोटो डालें।
बीमित किसानों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का प्रयास किया जाता है। नियम और शर्तें पूरा करने वाले किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाती है। - धर्मेन्द्र मौर्य, जिला कोऑर्डिनेटर, एसबीआई इंश्योरेंस।