फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोहरीकरण के भेंट चढ़े पांच सौ हरे पेड़,रायल्टी का पता नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेल खंड पर दोहरीकरण की भेंट लगभग 500 सौ से अधिक हरे पेड़ चढ़ेंगे। वन निगम भदोही जनपद के पूर्वी और पश्चिमी सीमा पड़ने वाले पांच स्टेशनों कटका, माधोसिंह, अहिमनपुर, ज्ञानपुर रोड और जंगीगंज में कुल 131 पेड़ों की कटाई अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन रेलवे ने कितनी रॉयल्टी दी है, इसका आंकड़ा प्रशासन के पास नहीं है। यही स्थिति दोहरीकरण कार्य में लगी कार्यदायी संस्था आरवीएनएल के साथ भी है। पूर्वोत्तर मुख्यालय गोरखपुर में तैनात अधिकारी भी मामले से अनभिज्ञता जताकर दारोमदार कार्यदायी संस्था पर मढ़ते नजर आ रहे हैं। इससे चीजें गड्डमड्ड बन चली हैं।
विज्ञापन

दो वर्ष पूर्व से ही रेल विकास निगम उक्त खंड की तस्वीर बदलने के लिए करोड़ों रुपये का प्रोजक्ट तैयार कर विद्युतीकरण, दोहरीकरण, निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। विद्युतीकरण पूर्ण होने के बाद दोहरीकरण में बाधक बनने वाले हरे पेड़ों को बलि देने की रणनीति तैयार कर ली गई है। वाराणसी जिले में पड़ने वाले पांच, भदोही के पांच और प्रयागराज जनपद के छह मिलाकर कुल 16 स्टेशनों पर पांच सौ से अधिक छायादार और फलदार हरे पेड़ों की कटाई भी शुरू करा दी गई। अकेले माधोसिंह सेक्शन में 131 पेड़ों की कटाई का कार्य अंतिम दौर में है। कट रहे पेड़ों की निगरानी कर रहे वन दरोगा चंद्रकांत शुक्ला का कहना था कि पेड़ों के बदले में जनपदवार विभाग को रॉयल्टी जमा कराई जा चुकी है, लेकिन कितनी रॉयल्टी जमा हुई, कोई बताने को तैयार नहीं। उधर प्रभागीय वनाधिकारी आलोक सक्सेना भी मामला रेलवे से जुड़ा होने के कारण कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें