मौके पर मौजूद पुलिस व अन्य लोग और मृतक की फाइल फोटो
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भदोही जिले के गोपीगंज कोतवाली के रामपुर घाट पर बृहस्पतिवार की रात गंगा में डूबे मछुआरे रामपुर घाट निवासी रामराज निषाद (45 वर्ष) का शव 36 घंटे बाद गंगा में उतराया मिला। वह शुक्रवार की रात मछली मारने के लिए फेंके गए जाल को निकालने के लिए गंगा में उतरा था। इस बीच वह गंगा में लापता हो गया। इधर, शनिवार को शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
क्या है पूरा मामला
रामपुर घाट निवासी रामराज निषाद (45) पुत्र संतलाल निषाद ने बीते शुक्रवार की दोपहर गंगा में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाया हुआ था। देर शाम वह जाल को निकालने के लिए पहुंचा। जाल खिंचने के दौरान किसी चीज में फंस गया। जिसको निकालने के लिए जब वह गंगा में उतरा तो लापता हो गया। काफी देर के बाद जब उसका पता नहीं चला तो पास में मौजूद लोग घबरा गए।
मछुआरों ने गंगा में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक चले रेक्स्यू में उसका कोई पता नहीं चल पाया। दूसरे दिन शुक्रवार को एसडीआरएफ की टीम गंगा में रेक्स्यू करती रही। शनिवार को उसका शव जहां डूबा था, उसके कुछ दूरी पर ही उतराया मिला। शव मिलने की जानकारी होते मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिलाओं के करुण क्रंदन से पूरा गांव गमगीन हो गया। प्रभारी निरीक्षक शैलेश राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।