ज्ञानपुर। डीघ ब्लाक के दरवांसी गांव में लगभग छह करोड़ की लागत से प्रस्तावित नये अग्निशमन केंद्र का मामला दो वर्ष से अटका हुआ है। नापजोख और सर्वे रिपोर्ट के बाद जमीन विवाद के कारण कार्ययोजना परवान नहीं चढ़ पाई है। हालांकि अब इस योजना को पंख लगते दिख रहे हैँ। बीते दिनों संयुक्त टीम ने नोडल विभाग पीडब्ल्यूडी को तकनीकी रिपोर्ट सौंपी है। अब पीडब्लूडी इसकी फाइनल रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है। जनपद की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में अगलगी की घटनाएं रोकने के लिए औराई और भदोही में अग्निशमन केंद्र स्थापित हैं। सदर मुख्यालय और डीघ के इलाके में अग्निशमन केन्द्र न होने के कारण अक्सर अगलगी की घटनाओं में भारी क्षति होती है। खासकर गर्मी के दिनों में शार्ट सर्किट व अन्य कारणों से खेतों, मड़हों और अन्य जगहों पर आग लग जाती है। ऐसे में जब अग्निशमन विभाग को फोन किया जाता है तो लंबी दूरी और लेटलतीफी की आदत के कारण पहुंचते-पहुंचते सबकुछ खाक हो चुका होता है। दो वर्ष पूर्व शासन ने जिले में नये अग्निशमन केंद्र को स्थापित करने पर निर्णय लिया। इसके बाद जिला अग्निशमन अधिकारी ने डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव में तीन एकड़ से अधिक जमीन चिह्नित करते हुए पांच करोड़ की कार्ययोजना तैयार की। बीच में विभागीय और स्थानीय लोगों की आपत्तियों के कारण मामला लटकता चला गया। महंगाई बढ़ने से इसका बजट एक करोड़ बढ़ाकर छह करोड़ कर दिया गया। जिला अग्निशमन अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि सदर तहसील प्रशासन ने नौ हजार आठ सौ फीट जमीन चिह्नित करा दी है। तीन दिन पूर्व संयुक्त टीम ने दरवांसी गांव पहुंचकर तकनीकी मानक रिपोर्ट तैयार की। इसे नोडल लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी राव ने बताया कि अग्निशमन केंद्र की फाइनल रिपोर्ट तब ही जाएगी, जब सारे तकनीकी व्यवधान दूर कर लिए जाएंगे। फिलहाल संयुक्त टीम की मिली रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है।