ज्ञानपुर । न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय मोहम्मद शहनवाज अहमद सिद्दकीकी की अदालत ने पांच लाख के चेक बाउंस के मामले में दोषी को छह महीने का कारावास और 10 लाख अर्थदंड की सजा सुनाई। 10 साल पूर्व के मामले में कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
ईट भट्ठा संचालक रमापति यादव ने कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया कि चकवां निवासी कृपाशंकर सिंह ने 2013 में उनके भट्ठे से ईंटें ली थीं। इसके एवज में उसे पांच लाख का चेक दिया गया, जो पैसे के अभाव में बाउंस हो गया। इसको लेकर शिकायत की गई, लेकिन पैसा नहीं मिला। मामले में कोतवाली ज्ञानपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। कोर्ट ने साक्ष्य संकलन एवं मामले की सुनवाई की। नोटिस के बावजूद आरोपी ने पैसे का भुगतान नहीं किया। इसको लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताई। आपरेशन कन्विशन के तहत पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और विशेष लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय मोहम्मद शहनवाज अहमद सिद्दकी की अदालत ने दोषी कृपाशंकर सिंह निवासी चकवा चंदेल को धारा 138 एन आई एक्ट का दोषी पाया। मामले में छह महीने का कारावास और 10 लाख अर्थदंड की सजा सुनाई।
चेक बाउंस के फरार आरोपी के घर नोटिस चस्पा
औराई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बुधवार को चेक बाउंस के मामले में नामजद आरोपी इसरार अली निवासी माधोसिंह के घर पर 82 के तहत नोटिस चस्पा किया। कहा कि कोर्ट में हाजिर न होने पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस दौरान डुगडुगी भी बजवाई। कहा कि कोर्ट ने कई बार नोटिस भेजकर हाजिर होने का आदेश दिया था, लेकिन आरोपी अब तक नहीं आया। जिस पर यह कार्रवाई की गई।