औराई ( भदोही) । सेउर गांव में बृहस्पतिवार को एक रोजगार सेवक ने ग्राम पंचायतों के विकास के विवरण से जुड़ीं कई अहम फाइलें जला दीं। इसका वीडियो वायरल होने के बाद उसने कहा कि सेक्रेटरी के कहने पर फाइलें जलाई हैं। सेक्रेटरी अपनी फाइलें रोजगार सेवक के पास रखता था। बृहस्पतिवार को दोपहर विकास खंड कार्यालय से दूर सेउर ग्रामसभा में रोजगार सेवक अवध नारायण ने खुलेआम कोष रजिस्टर, 14वां वित्त, राज्य वित्त सहित कई गांवों की फाइलें जला दी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद उससे पूछा गया तो उसने स्वीकार भी किया।अमर उजाला ने जब इसकी पड़ताल की तो सेउर ग्राम सभा का रोजगार सेवक अवध नारायण ने कहा कि हम जैसे दो चार लोग कई सचिवों का काम देखते हैं। यह जो फाइल जलाई गई है, यह रद्दी थी। इसमें रामापुर, हरिहरपुर गांवों की फाइलें थी। इसके लिए सेक्रेटरी प्रेमनाथ ने कुछ दिन पहले आकर जो सही फाइलें थीं, उसे ले गए और जो रद्दी थी उसके लिए कहे कि इसे आग के हवाले कर दो। उक्त सचिव पर रामापुर, हरिहरपुर सहित पूरे रजई और पूरे शंभू ग्राम सभाओं की जिम्मेदारी है। इससे जाहिर होता है कि फाइलों को अपने पास सुरक्षित न रख वह रोजगार सेवक के हवाले कर आराम से ग्राम सचिव की नौकरी कर रहा है। जलाई गई फाइलों में 2015 से लेकर 2019/20 तक की फाइलें सम्मिलित हैं। जिसमें पहले ग्राम सचिव रह चुके गुलाब, सिकंदर के अलावा अब वर्तमान में ग्राम सचिव प्रेमनाथ की फाइलें थी। उक्त संबंध में जब ग्राम सचिव प्रेम नाथ से टेलिफोनिक वार्ता करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। एडीओ पंचायत सुरेश तिवारी ने बताया कि यदि ऐसा हुआ है तो यह कानूनन अपराध है। क्योंकि ग्राम पंचायत स्तर की जितनी भी फाइलें होती हैं उन्हें 10 वर्ष तक सुरक्षित रखने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि 1999 के पहले ग्राम पंचायत स्तर की सभी फाइलें ग्राम प्रधान के पास रहा करती थी, लेकिन नया सर्कुलर आने के बाद कार्य योजना संबंधित सारी फाइलें अब ग्राम सचिव के पास होना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राम प्रधानों के पास केवल मोहर और ठप्पा के अलावा एक भी फाइल नहीं होनी चाहिए। किंतु रोजगार सेवक के हवाले इन फाइलों को देकर ग्राम सचिव ने गलत किया है। खंड विकास अधिकारी श्याम जी ने बताया कि यदि ऐसा हुआ है तो उक्त फाइलों से संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर आख्या प्रस्तुत करने के लिए एडीओ पंचायत को निर्देशित किया जाएगा। डीपीआरओ बालेश्वधर द्विवेदी ने इस संबंध में जानकारी और आग के हवाले करने वाला वीडियो लेने के बाद अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया।