सुजातपुर निवासी अमरेश तिवारी गुरुवार की सुबह अपने 16 वर्षीय बेटे कृष्णा को लेकर स्कूल छोड़ने जा रहे थे। अमरेश ने बच्चे को साइड में खड़ा किया और खुद ट्रैक की तरफ बढ़ चले। उनका बेटा जब तक कुछ समझ पाता, अचानक उन्होंने वाराणसी जा रही डेमू ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली।
गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के सुजातपुर गांव के पास एक अधेड़ ने बेटे के सामने ही ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। जानकारी के मुताबिक उसने परिजनों और पुलिस के व्यवहार से आहत होकर यह कदम उठाया है। सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय पुलिस व जीआरपी ने शव को कब्जे में ले लिया।
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जानकारी के अनुसार सुजातपुर निवासी अमरेश तिवारी (48) गुरुवार की सुबह अपने 16 वर्षीय बेटे कृष्णा को लेकर स्कूल छोड़ने जा रहे थे। जहां सेमराध मार्ग पर कौलापुर 42 एसी क्रांसिंग पर अचानक बच्चे को खड़ा ट्रैक की तरफ बढ़ चले। उनका बेटा जब तक कुछ समझ पाता, अचानक उन्होंने वाराणसी जा रही डेमू ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। इधर रेलवे ट्रैक पर खड़ा उनका बेटा उनको आवाज लगाता ही रह गया।
घटना की जानकारी होते ही मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे जीआरपी ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। जानकारी होते ही मृतक की मां बदहवास होकर थाने पहुंची और परिजन और पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाये। उनके बेटे ने बताया कि उनके पिता ने एक जमीन को गोपीगंज के एक व्यापारी को बेचा था। जिसमें उनके पटिदारों का भी हिस्सा था। इसी लेकर हुए विवाद के बाद परिजनों के ही शिकायत पर पुलिस ने उन्हें रात को नौ बजे तक चौकी में बैठा लिया। जिसके बाद वे काफी आहत थे। मृतक का दो बेटा और एक बेटी हैं। बेटी की शादी हो चुकी है।