सचिव समाज कल्याण एवं जिले के नोडल अधिकारी समीर वर्मा की अध्यक्षता में बुधवार शाम को कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा एवं बाढ़ की समीक्षा बैठक हुई। सचिव ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को समय से मुआवजा दिलाने संग अन्य सुविधाएं देने का निर्देश दिया। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की हिदायत दी।
नोडल अधिकारी समीर वर्मा ने कहा कि सरकार आपदा एवं बाढ़ से परेशान परिवारों को लेकर गंभीर है। जिन लोगों को अभी तक राहत एवं मुआवजा नहीं मिल सका है, उन्हें तत्काल मुहैया कराए जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि महीने भर पूर्व आई बाढ़ में प्रशासन की ओर से मुस्तैदी से काम किया गया। कंट्रोल रूम की स्थापना करने के साथ ही जरूरमंदों तक सहायता पहुंचाई गई।
जनपद स्तरीय 22 सदस्यीय टीम लगातार निगरानी करती रही। तहसील ज्ञानपुर के छेछूआ उपरवार, इटहरा उपरवार, अमिलौर उपरवार में प्रभावित 350 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। 26 अगस्त से तीन सितंबर तक राहत के तहत 4050 लंच पैकेट और 75 राशन किट का वितरण किया गया। बाढ़ राहत कैंप में शरणार्थी के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय आदि की व्यवस्था की गई थी। कैंप में समय-समय पर एंटीलार्वा का छिड़काव कराने के साथ ही साथ फागिंग भी कराया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक सरकारी नाव, 62 बड़ी नाव, 96 छोटी नाव की व्यवस्था के साथ आठ मोटर बोट भी मंगाई गई थी। अतिवृष्टि से कुल 65 कच्चा/आंशिक मकानों और एक पक्के मकानों की क्षति के अनुरूप दो लाख 13 हजार 200 रुपये की धनराशि का वितरण किया गया है। इस मौके पर सीडीओ भानु प्रताप सिंह, एडीएम शैलेंद्र मिश्रा, शिव नारायण सिंह, सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक आदि मौजूद रहे।