फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हुई

विज्ञापन
बारिश के बाद सिंहपुर गांव में गेहूं के बोझ को फैलाने जाता युवक। - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिसका डर था आखिरकार वही हुआ। शनिवार को भदोही जिले में हुई झमाझम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेत-खलिहान में काट कर रखी फसल भीगकर लथपथ हो गई। निचले इलाकों में जलभराव हो गया और कच्ची सड़कें कीचड़ से सन गईं।
विज्ञापन

मौसम के असंतुलन की आशंका में किसान अपनी मेहनत की कमाई को सहेजने में दिन-रात जुटे थे। लॉकडाउन की पाबंदियों में भी खेतीबाड़ी का काम जैसे-तैसे चल रहा था। मगर, शनिवार को सुबह किसानों की मेहनत पर फिर कुदरत की मार पड़ गई। शुक्रवार देर रात गरज-चमक के साथ शुरू हुई बादलों की घेरेबंदी का असर सुबह दिख गया। शनिवार को सुबह सात से साढ़े सात बजे के बीच इंद्रदेव मेहरबान हो गए। इस दौरान झूमकर बारिश हुई और खेतों एवं खलिहानों में काटकर छोड़ी गई फसल भीगकर बर्बाद हो गई। किसानों को पिछले सीजन की अतिवृष्टि ने धान की फसल को चौपट कर चोट पहुंचाई थी। फिर उसके बाद गत दिनों चक्रवाती तूफान ने गेहूं की फसल को जमीन पर गिरा दिया। अब जब उपज को घर में रखने का समय आया तो बारिश ने फिर तबाही मचा दी। इससे किसानों के होश फाख्ता हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। तमाम किसान और उनके परिवारीजन फसलों को बचाने और खलिहान में रखी फसल को ढंकने में जुटे रहे। चककलूटी के किसान कैलाश नाथ ने कहा कि बची-खुची कसर अब बारिश निकाल देगी तो किसानों के हाथ कुछ नहीं आएगा। भुड़की के राजेश प्रजापति, सतई पाठक, बनवारी चौहान आदि किसान कहते हैं कि अब किसान कहां जाएं। अब भीगी फसल को सूखने में दो-चार दिन लग जाएंगे।

बारिश के बाद धूप निकलने पर गेहूं की फसल को फैलाता किसान।- फोटो : BHADOHI

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें