ज्ञानपुर। कृषि भवन घरांव में मंगलवार को इफको और कृषि विभाग की ओर से किसानों की एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित की गई है। इसमें नैनो डीएपी और नैनो यूरिया प्लस के प्रयोग की जानकारी दी गई। क्षेत्रीय अधिकारी इफको विमल जायसवाल ने कहा कि किसानों के लिए नैनो डीएपी एक किफायती और प्रभावी विकल्प है। जो खेती की लागत को कम करने में मदद करता है। नैनो डीएपी एक तरल उर्वरक है, जो पारंपरिक डीएपी की तुलना में कम मात्रा में उपयोग होता है और इसे बीज उपचार, जड़ उपचार, या पत्तों पर छिड़काव के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है। किसान नैनो डीएपी तरल का प्रयोग बीज शोधन में पांच मिलीमीटर को एक किलो बीज की दर से करें। जड़ शोधन पांच मिलीमीटर को एक लीटर पानी में प्रयोग करें। इसकी लागत जहां मात्र 600 रुपये प्रति बोतल है वहीं मिट्टी, जल प्रदूषण भी कम होगा। फसल के उपज एवं गुणवत्ता में वृद्धि होगी। इसके प्रयोग से पौधों को जब नाइट्रोजन की पूर्ति पत्तियों के माध्यम से होगी तो खरपतवार पर अंकुश लगेगा। उप निदेशक कृषि अश्वनी सिंह ने राजकीय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में शिविर लगाकर किसानों को जागरूक करें। जिला कृषि अधिकारी इरम मिर्जा ने इसके लाभ गिनाए। इस दौरान उमेशधर दूबे, धर्मेश कुमार आदि रहे।