होलपुर के पैक हाउस में आयोजित किसान गोष्ठी में किसान से संवाद करते राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सि
कौलापुर (भदोही)। एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत होलपुर स्थित पैक हाउस में शनिवार को जिला स्तरीय किसान गोष्ठी एवं मेले का आयोजन किया गया। इसमें औद्यानिक और जैविक खेती पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि उद्यान, कृषि विपणन राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों को औद्यानिक खेती में संभावनाएं तलाशनी होंगी। इस समय आधुनिक खेती फायदे का सौदा साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ औद्यानिक खेती की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए। केवल एक बीघा भूमि पर औद्योगिक खेती की शुरुआत करें। सरकार किसानों को निशुल्क सुविधाएं और सब्सिडी उपलब्ध कराती है। इसका लाभ किसानों को लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि फूलों और औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। पानी की कमी को देखते हुए ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीक अपनाने की जरूरत है। कम क्षेत्रफल में अधिक उपज लेने की दिशा में प्रयास करना समय की मांग है। उन्होंने एफपीओ त्रिसागर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से दुबई भेजी जाने वाली एक एमटी भिंडी के वाहन को रवाना किया। इसके बाद निर्मित हाईटेक नर्सरी (शाकभाजी पौध उत्पादन) का उद्घाटन किया और पीएमएफएमई योजना में छह उद्यमियों को एक करोड़ 19 लाख के चेक बांटे। मौके पर प्रगतिशील कृषकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान विभिन्न स्टॉल का अवलोकन कर उन्होंने किसानों से संवाद किया। सांसद डॉ. विनोद बिंद, विधायक विपुल दूबे, दीनानाथ भाष्कर ने भी सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने किसानों को विभाग में संचालित समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवा के वैज्ञानिक डाॅ. विश्वेंदु द्विवेदी ने प्रतिकूल मौसम में ग्रीन हाउस/पाॅली हाउस में शाकभाजी की बेहन तैयार करने की वैज्ञानिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजित कुमार चतुर्वेदी ने शाकभाजी की उन्नत खेती, डाॅ. आरपी चौधरी ने औद्यानिक फसलों में जैविक खादों के महत्व एवं शाकभाजी की तुड़ाई प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने अतिथियों का आभार जताया। इस मौके पर उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह, प्रदीप सिंह, हौसिला पाठक आदि मौजूद रहे।