जिले में बेमौसम बारिश के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि पिछैती गेहूं की खेती करने वाले किसान खेतों की हल्की सिंचाई कर बेहतर पैदावार कर सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक किसान साफ मौसम का लाभ उठाकर गेहूं की हल्की सिंचाई कर सकते हैं। इससे फसल की गुणवत्ता मजबूत होगी। साथ ही पैदावार भी बेहतर होगा।
किसान अगैती गेंहू की कटाई मार्च अंतिम सप्ताह में करते हैं। वहीं पिछैती गेंहू की कटाई करीब 10 अप्रैल के बाद की जाती है। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश और तेज हवा के असर के कारण गेहूं के अगैती फसल गिरी है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि बारिश होने के बाद तमाम किसान गेहूं की सिंचाई नहीं करने की सोच रहे हैं। लेकिन सिंचाई न करने का असर फसल की गुणवत्ता पर पड़ेगा। इससे अनाज कम वजनदार होंगे। बताया कि यह समय गेंहू की फसल में फूल निकलने से लेकर दाना भरने की अवस्था का है। इस अवस्था में मृदा में नमी होने से उपज में कमी आती है। अत: किसान आवश्यकता अनुसार फसल की हल्की सिंचाई अवश्य करें। इससे आगामी दिनों में चलने वाली गर्म हवाओं का असर फसल पर कम होगा। खासकर बौने यानी पिछैती गेहूं की बेहतर पैदावार लेने के लिए किसान फसल की हल्की सिंचाई जरूर करें।