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क्रय केंद्रों पर लगी किसानों की कतार

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एक अप्रैल 2021 से जिले में क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के लिए 15 जून अंतिम तिथि होने के कारण मंगलवार को जिले के क्रय क्रेंदों पर किसानों की लंबी लाइन लगी रही। इस क्रम में विपणन के 12, एफसीआई का एक, पीसीएफ के 11 और मंडी परिषद के चार कुल 26 केंद्रों पर 32 हजार मीट्रिक टन की खरीद कर पंजीकृत नौ हजार किसानों में 64 करोड़ रुपये का आनलाइन भुगतान करने दावा किया गया है। लेकिन टोकन कटाकर अभी भी दो हजार किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने के लिए मजबूर है। दरअसल इनको उम्मीद है कि प्रदेश सरकार किसानों की मजबूरी को समझकर खरीदारी की तिथि बढ़ा सकती है।
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इस संबंध में किसान फरीद अहमद, शिवशंकर, मूलचंद्र, राजबहादुर, मनीष सिंह, शिवराज सिंह, अरुण सिंह ने बताया कि तीन माह पूर्व सरकार के निर्देश पर विपणन विभाग ने ब्लाक औराई, डीघ, सुरियावां, अभोली, ज्ञानपुर, भदोही अंतर्गत मनमानी ढंग से केंद्रों का निर्धारण करा दिया। इसके अलावा बताया कि सह केंद्रों की जिम्मेदारी बिचौलियों के हाथों में होने से सभी केंद्र 13 जून तक हुई खरीद को लेकर सुर्खियों में बने रहें। सरकार से हुई शिकायत पर गत माह सख्त निर्देश मिला कि अब कोई किसान किसी भी केंद्र पर पहुंच कर अपनी ऊपज को समर्थन मूल्य 1950 की दर से रकबे का सत्यापन और टोकन लेकर खरीद करा सकते हैं। विभागीय स्तर पर गत वर्ष की तरह कोई लक्ष्य न मिलने का परिणाम रहा कि किराए पर चलने वाले क्रय केंद्रों में पर्याप्त जगह नहीं मिल सकी और खरीदारी अधिक की गई। इससे ऊपज को रखने में विभाग पसीना छोड़ दिया। जून के प्रथम सप्ताह में शुरु हुई बेमौसमी बारिश की चपेट में गेहूं से भरी बोरियां भींग गई। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने बताया कि खरीद में किसी तरह की होने वाली गड़बड़ी पर वह सख्त हैं। पंजीकृत नौ हजार किसानों से 32 हजार मीट्रिक टन की खरीदारी कर आनलाइन भुगतान किया जा चुका है। अंतिम तिथि तक वंचित रहने वाले दो हजार किसानों की खरीदारी कराने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है।
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