गोपीगंज। नगर के पड़ाव स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति और जोगिनका समिति पर बृहस्पतिवार को पुलिस की निगरानी में किसानों ने डीएपी लिया। किसानों ने आरोप लगाया है कि जिले में कुल 56 सहकारी समितियां हैं जिनमें से मात्र 36 पर खाद-बीज की उपलब्धता विभाग कराता है। 20 समिति मात्र दिखावे के लिए हैं जिनको भी चालू करा दिया जाए तो ग्रामीण क्षेत्र की समस्या अपनेआप दूर हो जाएगी। किसान महेंद्र कुमार, सुनील, सुजीत आदि ने बताया कि सब्सिडी पर प्रति बोरी डीएपी का दाम शासन स्तर से 1200 रुपये है लेकिन जिसको दो बोरी की जरुरत है उसे मात्र एक बोरी मिल रही है। जबकि विभाग का दावा है कि 2900 एमटी डीएपी जिले में उपलब्ध है फिर भी किसान परेशान हैं। 36 समितियों पर खाद कब आती है कब खत्म हो जा रही है किसान नहीं समझ पा रहे हैं। किसान अलगूराम, सोहनलाल ने कहा कि इसी तरह आने वाले दिनों यूरिया, गेहूं बीज के लिए लाइन लगती रही तो बुआई कर पाना मुश्किल रहेगा। एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि 12 टन की खेप समितियों पर भेजी जाती है। समाप्त होने पर दूसरी खेप हरहालत में पहुंचाई जाएगी। एक आधार कार्ड पर दो बोरी खाद निर्धारित है वितरण का निरीक्षण कर मनमानी करने वालों को चिन्हित कराया जाएगा।