ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को डीएम आर्यका अखौरी के जनता दर्शन में लगभग 80 मामले लेकर आए फरियादियों ने धरना-प्रदर्शन कर समाधान के लिए आवाज उठाई। प्रभारी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को हटाने और जंगीगंज के कुलमनपुर में तालाब पर हुए अतिक्रमण का मामला सुर्खियों में अंत तक बना रहा। दोनों मामलों को डीएम ने संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी तरह में डीघ ब्लाक के धनीपुर-जंगीगंज निवासी शिव कुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की मनमानी से कुलमनपुर का तालाब अतिक्रमणमुक्त नहीं हो सका है। लेखपाल, कानूनगो, एसडीएम, तहसीलदार मामले को जानबूझ कर ठंडे बस्ते में रखे हैं। डीएम इस मामले में एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शिनी को हरहाल में निस्तारित करने का निर्देश दिया। इसी तरह मदनपुर-डीघ निवासियों ने प्रार्थनापत्र सौंपकर आरोप लगाया कि जलनिगम मनमानी कर ऐसी जमीन पर पेयजल की टंकी का निर्माण करवाना चाहता है जहां सैकड़ों परिवार वर्षों से आबाद हैं। ग्रामीणों ने मांग किया कि पेयजल टंकी का निर्माण खाली पड़ी सरकारी जमीन को चयनित कराकर कराया जाए। इस मौके पर देवीशंकर पांडेय, विकास पांडेय, कौशल मिश्रा, आकाश प्रजापति, दिलीप मिश्रा, विनय शुक्ला आदि रहे। ज्ञानपुर ब्लाक के परशुराम के लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी द्वारा सामुदायिक शौचालय, आवास, घर-घर शौचालय निर्माण के नाम पर मात्र खानापूर्ति की गई है। वर्तमान प्रधान से शिकायत कर अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की जा रही है जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शौचालयों की स्थिति ठीक न होने से बहू-बेटियां तक खुले में शौच के लिए मजबूर हो रही है। शिकायत करने वालों में पवन तिवारी, राकेश कुमार, नन्हकूलाल, रघुनाथ, ज्ञानप्रकाश समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। खमरिया निवासी मो.हसनैन ने प्रभारी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अविलंब हटाने की मांग की। आरोप लगाया है कि गत दिनों मदरसा दारुल उलूम सईदिया में मिड-डे-मिल के नाम पर सामने आई व्यापक गड़बड़ी को हल्के में लेकर प्रधानाचार्य पर सिर्फ ढाई हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर खानापूर्ति कर ली गई। जबकि उक्त मदरसे में 20 वर्ष से इस तरह की धांधली चरम पर है। अधिकारी को अविलंब मूल तैनाती वाले स्थान पर भेजा जाए नहीं तो अनशन किया जाएगा। पूरेभगवत-गोपीगंज निवासी फुलरा देवी ने प्रार्थनापत्र देकर न्याय की मांग की। आरोप लगाया है कि मनबढ़ विपक्षी भूमि धरी को जबरन हड़पना चाहते हैं। विरोध करने पर दुर्व्यहार और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मनबढ़ों को चिन्हित कराकर सख्त कार्रवाई की जाए।