भूमि अधिग्रहण अध्यादेश किसानों का विनाश करने की साजिश है। किसानों की मंशा के विपरीत प्रधानमंत्री इसे पारित करने की ठान चुके हैं। इससे किसानों का भारी नुकसान होने जा रहा है। इसका विरोध करते हुए अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा के सदस्यों ने सोमवार को पकरी तिराहे पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।
मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष बनारसी सोनकर ने कहा कि हिंदुस्तान में 86 हजार करोड़ जनता गरीबी और भुखमरी झेल रही है लेकिन प्रधानमंत्री को पूंजीपतियों की फिक्र है। वे चाहते हैं कि पूंजीपतियों को कारखाना बैठाना हो या किसानों की जमीन पर सड़क निकालनी हो तो उनसे बगैर पूछे जमीन अधिग्रहित कर ली जाए। कहा कि किसान अपने हक और अधिकार के लिए लड़ना जानते हैं।
अयोध्यापुरी तालाब से महिला- पुरुष मजदूर प्रधानमंत्री का पुतला लेकर पकरी तिराहे पर पहुंचे और विरोधी नारे लगाते पुतले को दहन किया। बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 16 अप्रैल को तहसील में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। खेतिहरों, मजदूरों, कामगारों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की गई। पुतला दहन करने वालों में रामजीत यादव, धर्मराज गौतम, लालमणि सरोज, दयाशंकर गौतम, विनोद, दिनेश पाल, दिनेश गौतम, कबूतरा देवी आदि रहे।