ज्ञानपुर। गोपीगंज नगर में आए दिन जर्जर होकर गिर रहे हाईटेंशन विद्युत तारों के नीचे गार्डवायर और जाली न लगाने से मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। पालिका प्रशासन लाखों की स्ट्रीट लाइटों के खाक होने और बिजली विभाग बजट के अभाव का रोना रोता रहता है। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन ने समय रहते मामले को गंभीरता से न लिया तो नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्यों के मद में आने वाली धनराशि की बर्बादी होती रहेगी।
वितरण उपखंड गिराई से गोपीगंज नगर को आपूर्ति देने के लिए विद्युत विभाग ने खुले तौर पर ही हाईटेंशन तारों को दौड़ा दिया गया है, जो अपनी समय सीमा पार कर आए दिन टूटकर गिर रहे हैं। राजमार्ग को जोड़ने के लिए नगर प्रशासन ने उन्हीं जर्जर तारों के नीचे लाखों रुपये की स्ट्रीट लाइट लगा दिया, लेकिन लाइटों को बचाने के लिए अपने स्तर से कोई समुचित सुरक्षा का प्रबंध न कर विद्युत विभाग पर सारा दारोमदार छोड़ दिया। इससे वर्ष 2018-20 के अंतराल पर आधा दर्जन बार जर्जर तार गिरने से स्ट्रीट लाइट राख हो चुकीं, जिनकी कीमत लाखों में आंकी गई। 10 जनवरी की रात में गिरा तार 10 लाख का नुकसान करके ही दम लिया। अधिशासी अधिकारी अमिता सिंह ने बताया कि उक्त समस्या से निजात पाने के लिए अब तक एक दर्जन बार अधिशासी अभियंता ज्ञानपुर को लिखित पत्र भेजा गया, लेकिन विभाग अभी तक न गार्डवायर लगवा सका और न जाली। जिला स्तरीय बैठकों में भी समस्या के निवारण का मामला उठा बावजूद इसके कोई पहल न होना उपेक्षात्मक रुख को दर्शा रहा है।
खर्च का वहन करे नगर पालिका,मिलेगी निजात: एक्सईएन
ज्ञानपुर। अधिशासी अभियंता द्यितीय मनोज कुमार का कहना है कि मामलासंज्ञान में आया है लेकिन विभाग के पास बजट न होने के कारण गार्डवायर और जाली नहीं लग पा रही है। यदि नगर पालिका प्रशासन खर्च का वहन करें तो एक सप्ताह में तार बदलने के साथ ही साथ जाली आदि भी लगवा दी जाएगी। वैसे प्रमुख पर्वों-त्योहार के मद्देनजर विभाग सक्रिय रहता है।
प्रधानमंत्री से होगी शिकायत: पालिकाध्यक्ष
ज्ञानपुर। नगर पालिकाध्यक्ष गोपीगंज प्रह्लादास गुप्ता ने कहा कि जब विभाग के पास बजट नहीं है और नगर पालिका को ही खर्च का वहन करना है तो विद्युत विभाग नगर के लिए अलग से उपकेंद्र की स्थापना करा दे, तो नगर प्रशासन अपने तंत्र से व्यवस्था सुचारु रखेगा। शीघ्र ही विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को ऊपर तक पहुंचा कर हल निकाला जाएगा।