भारतीय किसान यूनियन जिला इकाई ने बुधवार को अभोली विकास खंड के सदलूवीर बाजार में किसानों को आपदा राहत चेक देने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया गया। धरने में भदोही समेत आस-पास जिले से किसान नेता और संगठन के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। पहले दिन धरना में आए नेताओं, पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं का निदान करने की मांग को लेकर आवाज बुलंद किया।
संगठन के प्रदेश महासचिव पहल सिंह यादव ने कहा कि किसानों को आपदा राहत चेक देने में प्रशासन की ओर से लापरवाही की जा रही है। राजस्व कर्मी चहेतों के अलावा फर्जी लोगों को चेक जारी कर रहे हैं, जबकि गरीब किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। राजस्व कर्मियों का चक्कर लगाने के बाद भी सुविधा शुल्क न देने से उन्हें चेक से वंचित किया जा रहा है।
संगठन यह बर्दाश्त नहीं करेगा, सभी गरीब किसानों को आपदा राहत चेक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में 17 कंपनियां किसानों के फसल का बीमा करती है। फसल नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा देने में हीला हवाली करती है। यदि बीमा कंपनियां किसानों के नुकसान का मुआवजा भुगतान नहीं करती है तो उनके खिलाफ संगठन की ओर से कोर्ट की शरण ली जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियों किसानों के पैसे से जेब भरने का काम कर रही है। चंदौली जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव ने कहा कि समय रहते शासन प्रशासन ने नहीं चेता तो आस-पास जिले से भी किसान धरना में शामिल होंगे। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने राजस्व कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
संरक्षक सालिक राम यादव ने कहा कि जिले के समस्त किसानों को जब तक आपदा राहत चेक नहीं मिल जाता, तब तक संगठन का धरना चलता रहेगा। इस मौके पर डॉ. रामेश्वर पटले, जैन खां, सुरेंद्र अग्रहरी, मूल चंद शुक्ल, मुन्नू हाश्मी, नान्हक यादव, शिवबोध खलीफा, शीतला, बेल्हर, महा नारायण यादव, श्यामधर पांडेय, वंशीधर पांडेय, विजयशंकर, रामबली, अमृतलाल, फूलचंद आदि शामिल रहे।