अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा तंबाकू के खतरों से लोगों को आगाह करने तथा उन्हें इसके खतरों से जागरूक करने के लिए मंगलवार से व्यसन मुक्ति अभियान का शुभारंभ कर दिया। यह कार्यक्रम 31 मई को विश्व तंबाकू के दिन समापन होगा।
अभियान का शुभारंभ मर्यादपट्टी से सुबह आठ बजे हुआ जो अजिमुल्लाह चौराहे, लिप्पन तिराहा, स्टेशन रोड होते हुए राजकीय महाराजा बलवंत सिंह हास्पिटल पर सभा में बदल दिया गया। सभा में छात्रों के अलावा संभ्रांत और गणमान्य लोगों सहित चिंतक भी शामिल हुए और लोगों को नशे मुक्ति के लिए प्रेरित किया गया। राजकीय अस्पताल के सीएमएस, डा.राम नारायण ने कहा कि स्वस्थ और स्वच्छ नागरिक किसी भी राष्ट्र की वास्तविक संपत्ति होते हैं। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचने के लिए प्रेरित करना होगा। युवाओं की नशामुक्ति के बगैर स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं।
मर्यादपट्टी से चली यात्रा के दौरान छात्रों, संभ्रांत नागरिकों और आम लोगों ने शामिल होकर लोगों को नशे के खतरों से आगाह किया। बताया कि 65 प्रतिशत युवा नशे की चपेट में आकर अपना धन, स्वास्थ व परिवार खराब कर रहे हैं। नशे के चलते ही सडक दुर्घटनाएं होती हैं। कितने परिवार इससे तबाह हो चुके हैं। यात्रा में जयहिंद शिक्षा निकेतन के सैकडों छात्र शामिल रहे। उनके हाथ में स्लोगन लिखी तख्तियां थी। रास्ते में लोगों से नशामुक्ति का संकल्प पत्र भरवाया गया। यात्रा में पीसी जायसवाल, डा.वीके मौर्य, डा.राजेंद्र मौर्य, डा.अजय बरनवाल, फूलचंद मौर्य, सुभाषचंद मौर्य, सत्यशील जायसवाल, विनीत बरनवाल, राजेंद्र यादव, आदित्य पाण्डेय, भरत जायसवाल, संदिप कानोडिया, रामराज सिंह, रमाशंकर द्विवेदी आदि शामिल रहे।