नई दिल्ली के ओखला में चल रहे 31वें इंडिया कारपेट एक्सपो का सोमवार को समापन हो गया। आखिरी दिन वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रवि कपूर सहित बड़ी तादाद में लोगों ने स्टालों का भ्रमण कर मखमली और आकर्षक कालीनों का अवलोकन किया। एक्सपो में 58 देशों से खरीदार पहुंचे थे।
आयोजक सीईपीसी के चेयरमैन केआर वॉटल ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में दस हजार करोड़ के कारोबारी लक्ष्य के साथ हम विदा हो रहे हैं। फिलहाल उद्योग की विकास दर 20 फीसदी सालाना के करीब है।
समापन के दिन चेयरमैन ने कहा कि मेक इन इंडिया के नारे को दुनिया भर में समर्थन मिल रहा है। कालीन उद्योग भी प्रधानमंत्री की इस मुहिम में शामिल है।
फेयर में जिम्बाब्वे, वियतनाम, फिलिस्तीन, बुल्गारिया, इसराइल, मिस्र, पोलैंड, यूक्रेन, मलेशिया, मारीशस,
ताईवान, सर्बिया, कोलंबिया, हंगरी इत्यादि छोटे और अमरीकी तथा यूरोपीय सहित 58 देशों के आयातकों की भागीदारी से भारतीय कालीन उद्योग के दिन बहुरने के आसार साफ नजर आ रहे हैं। समापन अवसर पर चेयरमैन ने कई स्टालों का अवलोकन कर उत्पादों की बारीकियां भ्ाी देखीं।
समापन के समय मौजूद परिषद के प्रशासनिक समिति के पूर्व और वर्तमान सदस्यों उमेश कुमार गुप्त, हाजी अब्दुल रब अंसारी, भरतलाल मौर्य, हाजी फिरोज वजीरी, ओएन मिश्र, जफर हुसैन हुसैनी, घनश्याम शुक्ला, इश्तियाक खां अच्छू आदि ने अक्टूबर-2016 के फेयर में फिर मिलने का वादा कर समापन की घोषणा की।