जांच के दौरान कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को दिया।
मातृ शिशु कल्याण केंद्र का निर्माण जर्जर होने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर का आदेश सीएमओ को दिया।
चौपाल के दौरान जिलाधिकारी वर्ष 2008-09 में निर्मित मातृ शिशु कल्याण केंद्र का निर्माण जर्जर होने पर सीएमओ के खिलाफ नाराज हो गए। कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
इसी तरह आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण में नामांकित 62 बच्चों में 40 की उपस्थित होने और साफ-सफाई न होने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कड़ी फटकार लगाई।
मातृ शिशु कल्याण उपकेंद्र में बने चतुर्थ आंगनवाड़ी केंद्र में 36 में 11 बच्चों के उपस्थिति होने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने ग्राम प्रधान सहित अन्य ग्रामीणों से कहा कि गांव के विकास में सभी की सहभागिता जरूरी है।
कुपोषण जैसे दंश को खत्म करने के लिए सभी एकजुट होकर प्रयास करें। अंत्योदय और बीपीएल राशन कार्ड फर्जी होने की शिकायत पर बीडीओ को जांच करने का निर्देश दिया।
ग्रामसभा की जमीन पर पौधरोपण कराने, तालाबों में जल निकासी के लिए अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। स्कूलों में खराब हैंडपंपो के रिबोर के लिए अधिशासी अभियंता जल निगम को कहा। इस मौके पर सीडीओ आरपी मिश्रा, डीपीआरओ रामआसरे दूबे, प्रभारी डीपीओ रविश्वर राव, बीएसए डा. सत्य प्रकाश त्रिपाठी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।