ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण नीति जारी होते ही शिक्षा विभाग की तैयारी तेज हो गई है। अबकी बार मेरिट से केंद्र निर्धारण होगा। इसके अलावा आठ मानक भी तय किए गए हैं। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी केंद्र बनने में रोड़ा बनेगा। स्मार्ट क्लास संचालन संग टापर देने वाले स्कूल को प्राथमिकता से केंद्र बनाया जाएगा। फरवरी-मार्च में संभावित बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में परीक्षार्थियों की संख्या करीब-करीब फाइनल हो चुकी है। जिले के 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेजों का डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने सत्यापन पूर्ण कर लिया है। बृहस्पतिवार की रात में केंद्र निर्धारण नीति जारी होने पर शिक्षा विभाग की चहलकदमी बढ़ गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि एक पाली में 125 से कम धारण क्षमता वाले वित्तविहीन स्कूल केंद्र नहीं बनेंगे, लेकिन राजकीय और एडेड को इसमें छूट रहेगी। इस बार भी पिछले साल की तरह जियो लोकेशन के आधार पर केंद्र निर्धारण होगा। हालांकि ब्लॉकवार बनी प्रधानाचार्यों की कमेटी स्कूल में जाकर वहीं से स्कूलों की जियो लोकेशन का सत्यापन करेगी। डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड से जुड़ी सूचनाएं अगर गलत दी जाएगी तो उक्त स्कूल और कॉलेज को काली में डाल दिया जाएगा। स्कूलों में मेरिट बनाने के लिए आठ मानक जारी हुए हैं। इस बार जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित होते हैं उन्हें पांच नंबर मिलेंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर टापटेन में जगह बनाने वाले स्कूल को पांच और राज्य स्तर पर टाप टेन में आने वाले स्कूल को 10 अंक मिलेंगे। कक्षा कक्ष के लिए एक की बजाए पांच अंक मिलेंगे। 2022 की बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 90 फीसदी से अधिक होगा उन्हें 10 अंक मिलेंगे। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी 80 फीसदी से कम होने पर स्कूल केंद्र बनने से बाहर हो जाएंगे। साल 2023 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में नौ हजार से अधिक परीक्षार्थी बढ़ गए हैं। ऐसे में 2022 से अधिक केंद्र बनाए जाएंगे। 2022 में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 49 हजार 827 परीक्षार्थियों के लिए 90 केंद्र बनाए गए थे, जबकि 2023 में 58 हजार 593 परीक्षार्थी शामिल होंगे। ऐसे में केंद्रों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है।