दुष्कर्म समेत कई गंभीर आरोपों में फंसे पूर्व विधायक विजय मिश्रा को बुधवार को कोर्ट ने एक मामले में राहत दे दी है। लाइसेंसी निरस्त होने के बावजूद असलहा पास होने के मामले में एसीजेएम (एमपी एमएलए कोर्ट) ने उन्हें दोषी पाते हुए कारावास व अर्थ दंड की सजा सुनाई थी। पूर्व विधायक इस फैसलों को सत्र अदालत में चुनौती दी। जिस पर बुधवार को सुनवाई करते हुए अदालत ने अवर न्यायालय के फैसले को स्थगित करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने इस मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए अपील में अग्रिम सुनवाई के लिए अगली तिथि नियत की है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 17 अक्तूबर को दंडित वाद संख्या 803 वर्ष 2011 अंतर्गत धारा 25/3 आयुध अधिनियम के मामले में दो वर्ष का कठोर कारावास, अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके विरुद्ध दोष पूर्व विधायक ने सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की थी। सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विचाराधीन अपील के दौरान दंडादेश की क्रियान्वयन को स्थगित किए जाने का आदेश दिया।