अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय नारायण सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु एवं जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक हुई। इसमें उद्यमियों, निर्यातकों और कारोबारियों की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करने पर जोर दिया गया।
एडीएम ने उद्यमियों, व्यापारियों एवं निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि व्यापार एवं उद्योग से संबंधित मामलों का निस्तारण समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापारियों एवं उद्यमियों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे जनपद में रोजगार के अधिक अवसर सृजित हो सकें तथा उद्योगों का बेहतर संचालन हो। उन्होंने खाद्य विभाग, विद्युत विभाग, प्रदूषण विभाग, व्यापार कर विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कराएं। इस दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1700 के लक्ष्य के सापेक्ष 966 आवेदन बैंकों को भेजा गया। जिनमें 106 आवेदन स्वीकृत हुए और 18 मामलों में ऋण वितरण किया गया है। जिला पंचायत सदस्य मुनेश्वर गुप्ता ने बैठक में तीन प्रमुख मांगों को रखा। इसमें रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को हटाने से पहले कारोबार के लिए स्थान देने, जीएसटी भरने वाले दुकानदारों को आपदा में मुआवजा की व्यवस्था और गिराईं-दानूपुर मार्ग पर पड़ने वाले छोटे बाजारों से नो एंट्री हटाने की मांग की गई। कहा कि इस मार्ग पर वाहनों की अधिकता नहीं होती। जिससे नो एंट्री होने से काफी दिक्कत होती है। एडीएम ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।