सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों समेत 13 सूत्री मांगो को अविलंब पूरा करने की मांग की गई। इस दौरान कर्मचारियों से अपील की गई कि 23 दिसंबर को भी वह कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन को तेज बनाएं।
मंगलवार को सुबह 10 बजे से लोक निर्माण विभाग, विकास भवन, डायट, बीएसए, डीआईओएस, उद्यान विभाग, मत्स्य, सेवायोजन समेत दो दर्जन से अधिक कार्यालयों के कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे।
वहां पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष धर्मराज यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सातवें वेतन आयोग में कई विसंगतियां है।
उसमें सुधार न होने पर राज्य सरकार भी उसी आयोग को प्रभावी करेगी। चेतावनी दी कि उसमें संशोधन नहीं किया गया तो वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
डिप्लोमा इंजीनियर संघ के देवी चरण यादव ने कहा कि सरकार समय रहते वेतन विसंगतियों को दूर नहीं करेगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
परिषद के जिला मंत्री रूपेश श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार फिल्ड में कार्यरत कर्मचारी, ग्राम विकास, ग्राम पंचायत अधिकारियों, सिंचाई विभाग के लोगों को बाइक भत्ता, आशा, आंगनवाड़ी को राज्य कर्मचारी को दर्जा दिया जाए।
23 दिसंबर को कलेक्ट्रेट पर अधिक संख्या में कर्मचारियों को पहुंचने का आग्रह किया गया। इस मौके पर कृष्ण गोपाल, एसके पांडेय, कमलेश, अनीता श्रीवास्तव, उषा सिंह, जीत नारायण यादव, हरिशंकर यादव, बनारसी लाल, पीके त्रिपाठी, जयशंकर श्रीवास्तव, मुन्नीलाल यादव, आदिल मिश्रा समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।