बैंकों की हड़ताल के दौरान पीएनबी शाखा के बाहर नारेबाजी करते बैंककर्मी
युनाईटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंकर्मियों की चार प्रमुख मांगों के समर्थन में शुक्रवार को जिले भर के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल से जनपद में 40 करोड़ की क्लियरिंग ठप रही। हड़ताल के दौरान कहीं बैंकों के बाहर बैनर लगे मिले तो कहीं ताले लगे रहे। हड़ताल से अनभिज्ञ बैंक उपभोक्ताओं को बैंकों तक आकर बैरंग लौटना पड़ा।
भदोही, गोपीगंज, ज्ञानपुर समेत उपनगरीय और ग्रामीण इलाकों में हड़ताल को भारी समर्थन मिला। सुबह बैंक कर्मी स्टेशन रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा के बाहर जमा हुए और विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी भी की गई। इस दौरान यूपी बैंक इम्पलाईज यूनियन के जिलाध्यक्ष अनिल मिश्र ने कहा कि सरकार श्रम कानूनों में कई अवांछित बदलाव करना चाहती है। इससे हमारे कर्मी प्रभावित होंगे। निजीकरण और बैंकों के विलय का भी उन्होंने विरोध किया और कहा कि इससे बैंकों की कार्यक्षमता प्रभावित होगी। बैंक सुधारों के नाम पर कर्मियों की प्रताड़ना बढ़ाने वाले कथित सुधारों को हम नहीं मानते। पंजाब नेशनल बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के वाराणसी मंडल अध्यक्ष आरआर मांगलिक ने कहा कि हम अभी सरकार को अपनी मांगों से अवगत करा रहे हैं लेकिन आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक कर सकते हैं। बैंकों की हड़ताल से व्यापारियों, कालीन निर्यात इकाईयों के साथ साथ उनसे जुड़े कामगारों को भारी दुश्वारी हुई। कईयों के भुगतान में एक दिन विलंब हो गए। नगर मे यूनियन बैंक आफिसर्स एसोसिएशन पूर्वांचल के सहायक महासचिव सायकत सिन्हा ने बताया कि जिले भर में लगभग 40 कोड की क्लियरिंग ठप रही। उन्होंने इसमें विभिन्न बैंक कर्मचारियों से मिले सहयोग पर खुशी जताई। कहा कि लगभग सभी बैंकों में हड़ताल का असर रहा और ताले नहीं खुले।
प्रदर्शन में पूर्वांचल यूबीआई बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के सहायक महासचिव सायकत सिन्हा, भगवान सिंह, शिवपूजन, रमेश चंद, सर्वेश कुमार, सगीर गुड्डू, इंद्रावती देवी, नीरज, दिनेश आदि सम्मिलित थे।