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निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने किया कार्य का बहिष्कार

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लालानगर विद्युत उपकेंद्र पर आपूर्ति बहाल कराने पहुंचे एडीएम शैलेंद्र मिश्र बाएं। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार को अधिकारियों-कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जिले के कई इलाकों में बिजली पूरे दिन ठप रही तो कई स्थानों पर फॉल्ट के चलते आपूर्ति बाधित रही। बिजली न मिलने के कारण जिले में हाहाकार मच गया। पेयजल का संकट गहरा गया । बिजली गुल रहने से लोग बेहाल रहे।
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निजीकरण के विरोध में लामबंद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित बिजली विभाग के दफ्तर पर धरना दिया। इस दौरान नारेबाजी कर निजीकरण रोकने की मांग की गई। आंदोलन में एसडीओ, जेई समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कहा कि सरकार उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रही है। दूसरी ओर कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद जिला प्रशासन ने बिजली उपकेंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी राजस्व कर्मियों को दे दी। हालांकि तकनीकी जानकारी न होने के कारण वे ज्यादा कुछ नहीं कर पाए और इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ा। कई स्थानों पर पूरे दिन बिजली आपूर्ति नहीं थी तो कई जगह फाल्ट के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला मुख्यालय पर सुबह नौ बजे के आसपास बिजली गुल हुई तो देर शाम तक नहीं आई। ग्रामीण क्षेत्रों में एक-दो उपकेंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था टाइट रहने से बिजली बहाल रही, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों समेत गोपीगंज नगर, औराई, घोसिया, बाबूसराय, महाराजगंज, चौरी आदि क्षेत्रों में पूरे दिन बिजली गुल रही।
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धरना-प्रदर्शन में शामिल होने वाले बिजली कर्मचारियों, लाइनमैनों के साथ उपकेंद्रों से छेड़छाड़ करने देने के चलते लालानगर और गिराईं से संचालित एक दर्जन फीडर चालू नहीं हो सके। आपूर्ति व्यवस्था को बहाल रखने के लिए एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव, एडीएम एसके मिश्रा, तहसीलदार देवेंद्र यादव, चंद्रशेखर राम उपकेंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर लेखपाल, कानूनगो, आईटीआई के प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं का सहयोग लिया, लेकिन फीडर नहीं चलाए जा सके। कार्य बहिष्कार में शामिल अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने मोबाइल नंबर, लैंडलाइन फोन को भी ठप रखा ही उपकेंद्रों के दीवारों पर अंकित संपर्क नंबरों को मिटा दिया था।
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