ज्ञानपुर। मौसम में बदलाव के साथ ही मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। थोड़ी सी लापरवाही होने पर डेंगू, मलेरिया सहित संक्रमित बीमारी की चपेट में लोग तेजी से जाते हैं। बीते साल जिले में डेंगू के रिकार्ड 101 मरीज मिले थे। ऐसे में इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले से ही इसकी तैयारी में जुट गया है। जिले में डेंगू से निबटने के लिए कोविड की तर्ज पर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है। इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों में 10 हॉट स्पॉट भी बनाए गए हैं।
बीते साल जिले में चार सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए 101 डेंगू के केस मिले थे। हालांकि डेंगू के कारण किसी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई, लेकिन कई गांवों में दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ गए। भदोही के नई बाजार, चांदनी चौक, लोहिया नगर, जलालपुर, नई बस्ती, रजपुरा क्रांसिग, आलमपुर, औराई के सहसेपुर और उगापुर, ज्ञानपुर बाजार, सीतामढ़ी, सुरियावां आदि क्षेत्रों में बीते साल सबसे अधिक डेंगू के मरीज मिले थे। इसमें भी भदोही और नई बाजार में ही अकेले 60 से अधिक मरीज मिले थे। ऐसे में अब इस बार डेंगू जैसी बीमारी से निबटने के लिए पहले से ही स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। इस साल शहर व ग्रामीण इलाकों में ऐसी 10 जगहों पर कोविड की तर्ज पर हॉट स्पॉट बनाए गए हैं। जहां बीते साल एक से अधिक मरीज मिले थे। उसकी निगरानी के लिए रैपिड रिस्पांस टीम बनाई गई है। टीम द्वारा ही मरीजों की जांच पड़ताल के साथ नियमित निगरानी की जाएगी।
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छह सीएचसी व एक अर्बन केन्द्र पर आरआरटी टीम की तैनाती
ज्ञानपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की निगरानी के लिए छह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व अबर्न स्वास्थ्य केन्द्र पर आरआरटी का गठन किया गया है। जिन केन्द्रों पर आरआरटी टीम लगाई गई है। उसमें गोपीगंज, डीघ, दुर्गागंज, औराई, भदोही, सुरियावां के साथ अबर्न नई बाजार स्वास्थ्य केंद्र शामिल है। एक टीम में चार सदस्य है। इनमें एक डाक्टर, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट और सहायक है। इन सभी की जिम्मेदारी अलग-अलग होगी।
संक्रमित बीमारी से बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाकर लोगाें को जागरुक किया जा चुका है। 7 आरआरटी बनाई गयी है, टीम द्वारा डेंगू के मरीजों की निगरानी की जाएगी। पिछले साल जिन गांव में डेंगू के मरीज मिले थे, वहां पर दवा का छिड़काव कराया जा चुका है।
राम आसरे पाल, जिला मलेरिया अधिकारी।